अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर किया हमला, होर्मुज में नया प्रतिबंधित क्षेत्र
अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी, तेल की कीमतें 97 डॉलर के करीब पहुंचीं
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है, जिसके बाद ईरान ने इस क्षेत्र में एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। इसके कारण तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
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अमेरिका ने सप्ताहांत में ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है। इसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
हमले और प्रतिबंधित क्षेत्र
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। इनमें से एक टैंकर सुएजमैक्स काइलो ओमान की खाड़ी में डूब गया, जबकि सुएजमैक्स स्टार्क I और फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास डाउनी को निष्क्रिय कर दिया गया। ईरान ने कहा कि ये टैंकर तय रास्तों का पालन नहीं कर रहे थे।
टॉप सिक्योरिटी ऑफिसर ने बताया कि आने वाले दिनों में होर्मुज के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जो अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी लाइन से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैला होगा। इससे इस जलमार्ग से ऊर्जा सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट बनी रहने की आशंका बढ़ गई है।
तेल की कीमतों में उछाल
ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 0.8% बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 92 डॉलर के आसपास रहा। ब्रेंट क्रूड इस साल लगभग 60% चढ़ चुका है, और डीजल जैसे रिफाइन प्रोडक्ट में और भी अधिक बढ़ोतरी हुई है।
शिकागो स्थित कारोबारी कैपिटल एलपी के मुख्य निवेश अधिकारी हारिस खुर्शीद ने कहा, "बाजार ने काफी हद तक जोखिम को समायोजित कर लिया है, लेकिन वास्तविक सबसे खराब स्थिति को नहीं।"
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
पिछले हफ्ते कुछ समय की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर से झड़पें शुरू होने से तेल की कीमतें उछल गईं। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया झड़पों के बाद हेज फंड्स मई के बाद से ब्रेंट क्रूड के प्रति सबसे अधिक आशावादी हो गए हैं, उन्होंने 1 सितंबर को समाप्त सप्ताह में अपनी पोजीशन बढ़ा ली।
केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 दिनों में औसतन सिर्फ 10 कमोडिटी जहाज रोजाना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। अमेरिका और ईरान के बीच हमले दोबारा तेज होने के बाद इस रास्ते से तेल की आवाजाही काफी कम हो गई है। समुद्री खुफिया कंपनी Marisks ने इन हमलों को समुद्री संघर्ष में बड़ी बढ़ोतरी बताया है। चिंता यह है कि अब कारोबारी जहाज भी अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का हिस्सा बन रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे इस स्थिति को युद्ध नहीं कहेंगे।
अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी में कोई कमी नहीं होगी, जिसमें ईरानी तेल निर्यात को रोकने और होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई नाकाबंदी भी शामिल है।
सचिव क्रिस राइट, अमेरिका
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के कारण तेल की आवाजाही स्थायी रूप से प्रभावित होगी?
- देशों के बीच बढ़ते तनाव और प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा से इस क्षेत्र में तेल की आवाजाही में लंबे समय तक रुकावट की आशंका है।
- तेल की कीमतों में आने वाले समय में क्या प्रभाव देखने को मिल सकता है?
- हालांकि बाजार ने जोखिम को समायोजित किया है, विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति बदतर होने पर कीमतों में और तेज बढ़ोतरी संभव है।
- इस क्षेत्र में सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है?
- अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को कम नहीं किया जाएगा, जो ईरानी तेल निर्यात को रोकने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नाकाबंदी कर रही है।
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