सोनारी गुरुद्वारा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाशोत्सव शुरू
12 से 21 सितंबर तक तीन दिवसीय गुरमत समागम में संगत को मिलेगा गुरु की शिक्षा से जुड़ने का अवसर
सोनारी गुरुद्वारा साहिब में 12 सितंबर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रथम प्रकाशोत्सव का तीन दिवसीय गुरमत समागम शुरू हुआ है, जिसमें कीर्तन, कथा और लंगर का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर क्षेत्र के अधिकारी और रागी जत्थे शामिल होने के साथ-साथ गुरुद्वारा परिसर की सुविधाओं में सुधार भी किया गया है। समागम 13 सितंबर तक चलेगा और 21 सितंबर को प्रबंधक कमेटी का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होगा।
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सोनारी गुरुद्वारा साहिब में 12 सितंबर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रथम प्रकाशोत्सव का तीन दिवसीय गुरमत समागम शुरू हो गया है। इस दौरान संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 21 सितंबर को उनका एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।
पहले दिन श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर बरता गया। हजूरी रागी श्री दरबार साहिब भाई करमजीत सिंह, भाई अमृतपाल सिंह मनन तरनतारन, भाई अमरिंदर सिंह तलब ढाडी जत्था पटियाला वाले, भाई रामप्रीत सिंह हजूरी रागी जत्था, सोनारी तथा रविंदर कौर संगत टीचर, अकाल गुरमत संगीत अकादमी सहित अन्य धार्मिक वक्ताओं ने अपनी सेवाएं दीं।
कार्यक्रम में कीर्तन, कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजन भी हुए। 13 सितंबर को भी सुबह से गुरबाणी कीर्तन, कथा और ढाडी वारों का आयोजन होगा। इस दौरान संगत को गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षा और गुरबाणी से जुड़ने का अवसर मिलेगा। क्षेत्र के विधायक सरयू राय 13 सितंबर को बतौर अतिथि शामिल होंगे और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा क्षेत्र की संगत के सहयोग से विशेष दीवान सजाए गए हैं। रागी जत्थों और प्रचारकों ने गुरबाणी कीर्तन एवं गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। श्री रहिरास साहिब के पाठ से समागम का शुभारंभ हुआ। सचखंड श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी और सिख पंथ के महान कीर्तनी भाई सतनाम सिंह जौहड़ी कलां वालों ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। ज्ञानी मुख्तियार सिंह जालंधर वालों ने गुर-इतिहास से संगत को अवगत करवाया। हजूरी रागी भाई शनबीर सिंह ने भी कीर्तन की हाजिरी लगाई।
गुरुद्वारा साहिब के महासचिव परमिंदर सिंह डिंपी ने स्टेज सचिव की सेवा निभाई और आगामी समागमों की जानकारी संगत के साथ साझा की। प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह ने संगत का धन्यवाद किया। बाहर से आए रागी जत्थों और प्रचारकों को प्रबंधक कमेटी की ओर से सम्मानित किया गया।
गुरुद्वारा में सौंदर्यीकरण और संगत की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए जा रहे हैं। रोटी बनाने की मशीन लगाई गई है और परिसर स्थित लाइब्रेरी को पुनः संचालन शुरू किया गया है, जिसमें गुरुमुखी, हिंदी व अंग्रेजी की कई धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। दरबार हॉल में दो बड़ी एलसीडी लगाई गई हैं तथा शव वाहन और शव रखने की मशीन भी लोगों के लिए उपलब्ध है।
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 21 सितंबर को उनका एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। इस दौरान सुविधाओं में वृद्धि की गई है।
पत्रकार सम्मेलन में सुखविंदर सिंह, जगदीप सिंह बबलू, मंजीत सिंह, हरभजन सिंह बेदी, अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह, बलदेव सिंह, सतवीर सिंह सग्गू, सजिन्दर सिंह मंगू, गुरुचरण सिंह, हरजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रकाशोत्सव में कौन-कौन से धार्मिक कार्यक्रम होते हैं?
- कार्यक्रम में कीर्तन, कथा, ढाडी वारों और गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षा से जुड़े आयोजन होते हैं।
- गुरुद्वारा परिसर में सुविधाओं के तहत क्या नया किया गया है?
- लाइब्रेरी को पुनः संचालन शुरू किया गया है, जहां गुरुमुखी, हिंदी व अंग्रेजी की धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध हैं।
- क्या कोई विशेष अतिथि प्रकाशोत्सव में शामिल होंगे?
- क्षेत्र के विधायक सरयू राय 13 सितंबर को बतौर अतिथि शामिल होंगे।
- प्रबंधक कमेटी ने संगत के प्रति क्या कहा?
- कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह ने संगत का धन्यवाद किया और बाहर से आए रागी जत्थों को सम्मानित किया।
- यह प्रकाशोत्सव कितने दिनों तक चलेगा?
- यह प्रकाशोत्सव तीन दिनों तक, 12 से 14 सितंबर तक चलेगा।
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