सत्य निकेतन हादसे में 7 की मौत, मुख्यमंत्री ने जांच तेज़ करने के दिए आदेश
इमारत गिरने के बाद छात्रों की सुरक्षा और राहत के लिए प्रशासन ने उठाए कदम
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें पांच छात्र और दो मजदूर शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जांच तेज़ करने, दोषी अधिकारियों को निलंबित करने और प्रभावित छात्रों के लिए आने-पीने का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने इमारत के मालिक और परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया है।
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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जांच तेज़ करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। हादसे के बाद प्रभावित छात्रों के लिए रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सरकार ने की है।
सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई। मृतकों में पांच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र और दो मजदूर शामिल हैं। पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने हरिराम और उसकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निगम उपायुक्त समेत पांच जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में गिरी इमारत से सटे असुरक्षित मकान को भी गिराने के आदेश दिए हैं।
सोशल मीडिया में वायरल हुए पीजी के रेंट एग्रीमेंट में लिखा था कि किसी भी दुर्घटना या जनहानि की जिम्मेदारी पीजी प्रबंधन की नहीं होगी। इससे छात्रों में रोष है। छात्र कहते हैं कि वे किराया देकर रहते हैं, इसलिए सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी। पीजी संचालक तीन महीने का किराया एक साथ वसूलते हैं और हादसे के बाद पहले से ली गई रकम वापस करने को तैयार नहीं हैं।
हादसे के बाद इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। सुरक्षा कारणों से आसपास के बाजार बंद हैं, जिससे खाने-पीने की चीजों की किल्लत हो गई है। ऐसे मुश्किल समय में छात्र एक-दूसरे का सहारा बनकर मानवीय संवेदना की मिसाल पेश कर रहे हैं। पीजी खाली कराए जाने पर बेघर छात्रों को उनके साथी अपने कमरों में जगह दे रहे हैं।
गुरुद्वारा भी छात्रों के लिए राहत का केंद्र बन गया है, जहां वे निशुल्क लंगर ग्रहण कर रहे हैं। कांग्रेस सेवा दल और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र वालंटियर समूह भी राहत कार्यों में जुटे हैं। वे भोजन के पैकेट और जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं और प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं।
छात्रों की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज, उचित मुआवजा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था है। वे मांग करते हैं कि राजनीतिक सक्रियता के बीच उनकी वास्तविक समस्याएं पीछे न छूटें। छात्रावास उपलब्ध कराने और किराया नियंत्रण जैसी मांगों को भी गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।
प्रशासन ने पीजी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों का ऑडिट कराने का फैसला किया है। प्रभावित छात्रों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है।
यदि जांच में कोई अन्य अधिकारी भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पीजी प्रबंधन की क्या स्थिति है हादसे के बाद?
- पीजी संचालक तीन महीने का किराया पहले ही वसूल चुके हैं और रकम वापस नहीं कर रहे।
- छात्रों के लिए राहत कार्य कौन कर रहा है?
- कांग्रेस सेवा दल और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र वालंटियर समूह भोजन और आवश्यक सामान पहुंचा रहे हैं।
- प्रशासन की भविष्य की योजना क्या है?
- प्रशासन ने पीजी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों का ऑडिट कराने का निर्णय लिया है।
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