सज्जनगढ़-तांबेसरा मार्ग पर तीन महीने से गंदा पानी बह रहा
स्कूली बच्चे और राहगीर गंदगी और बदबू से परेशान, बीमारियों का खतरा
बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़-तांबेसरा मार्ग पर पिछले तीन महीने से नालियों और शौचालय के गंदे पानी के बहाव के कारण सड़क पर जलभराव और बदबू की समस्या बनी हुई है। इससे बच्चों और राहगीरों को कठिनाई हो रही है और मच्छरजन्य बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं किया है।
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बांसवाड़ा। बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ से तांबेसरा जाने वाले मुख्य मार्ग पर पिछले तीन महीने से गंदा पानी बह रहा है। नालियों का मल-मूत्र और शौचालय का पानी सीधे सड़क पर आ रहा है, जिससे यह मार्ग एक गंदे नाले में बदल गया है।
इस गंदगी और जलभराव से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे स्कूली बच्चों को हो रही है। उन्हें रोजाना इसी बदबूदार पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार गंदे पानी के छींटे उनकी यूनिफॉर्म पर पड़ जाते हैं, जिससे स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है।
दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले राहगीरों को भी इस रास्ते से निकलने में काफी दिक्कतें आती हैं। सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने से लोगों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले तीन महीनों से बनी हुई है। सड़क पर मल-मूत्र और गंदा पानी बहने से भयंकर बदबू उठ रही है, जिससे आसपास के लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
लंबे समय से समस्या के बावजूद स्थानीय ग्राम पंचायत और प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। सफाई व्यवस्था और नाली निर्माण को लेकर कोई कदम नहीं उठाए जाने से स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है।
सड़क पर जमा इस दूषित पानी में मच्छर पनप रहे हैं। मौसमी बीमारियों के प्रकोप के बीच इस गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां नाली की सफाई करवाई जाए। साथ ही गंदे पानी की निकासी की सही व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और आमजन को इस परेशानी से राहत मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गंदा पानी से स्थानीय लोगों को और क्या दिक्कतें हो रही हैं?
- गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जिससें मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
- स्कूली बच्चों पर इस समस्या का क्या असर पड़ता है?
- गंदे पानी के छींटे उनकी यूनिफॉर्म पर पड़ जाते हैं, जिससे स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है।
- परिणामस्वरूप लोगों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
- बदबू और दूषित पानी के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
- स्थानीय लोग समस्याओं का समाधान कैसे चाहते हैं?
- वे जल्दी नाली की सफाई और गंदे पानी की निकासी की सही व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
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