सागर जहरीली शराब कांड में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की
24 से अधिक मौतों के बाद SDM और SDOP हटाए, 30 आरोपियों पर मामला दर्ज
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से 24 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने बंडा की एसडीएम और एसडीओपी को हटा दिया है और 30 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच आदेशित की गई है और राज्य में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से 24 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए बंडा की एसडीएम और एसडीओपी को उनके पदों से हटा दिया है और 30 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। बंडा की एसडीएम आरती यादव को उनके पद से हटाकर सागर कलेक्टर कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही जैन शाहगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
बंडा के एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि को पुलिस मुख्यालय भोपाल भेज दिया गया है और उनकी जगह उप पुलिस अधीक्षक रोहित ललकार को नया एसडीओपी बनाया गया है।
इस जहरीली शराब कांड में अब तक 24 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 100 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। प्रशासन ने पहले ही तीन आबकारी अधिकारियों और दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि वर्तमान में 30 आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
आबकारी विभाग की मिलीभगत से जहरीली शराब मध्यप्रदेश की डिस्टलरी में ही बन रही थी, जिससे यह त्रासदी हुई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शराब की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। अगर जांच में नकली या मिलावटी शराब मिले तो संबंधित विक्रेताओं और शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अगर किसी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी आयुक्त ने सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे मिलकर इस कारोबार पर रोक लगाएं।
मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अवैध शराब उत्पादन कहाँ हो रहा था?
- जहरीली शराब मध्यप्रदेश की डिस्टलरी में ही बनाई जा रही थी, जिसमें आबकारी विभाग की मिलीभगत थी।
- नए एसडीएम और एसडीओपी कौन नियुक्त हुए हैं?
- डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को नया एसडीएम और उप पुलिस अधीक्षक रोहित ललकार को नया एसडीओपी नियुक्त किया गया है।
- क्या प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?
- यदि किसी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- मामले की जांच किस प्रकार हो रही है?
- मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
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