सागर में जहरीली शराब से 23 मौतें, मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
अवैध शराब कारोबार में 30 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, पुलिस कार्रवाई जारी
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से 23 लोगों की मौत हुई है और मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 30 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए हैं और प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जांच की जा रही है। मृतकों के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने सरकार और अधिकारियों की जिम्मेदारी सवालों के घेरे में रखी है।
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रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि सभी मृतकों के पोस्टमार्टम कराए जा चुके हैं और चार से पांच लोग गंभीर स्थिति में हैं। मजिस्ट्रेटी जांच में घटना के कारणों और जिम्मेदारों का पता लगाया जाएगा।
सागर पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें बंडा और विनायका थाना क्षेत्र के मामले शामिल हैं। पुलिस ने जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के बेटे सिद्धार्थ कुशवाहा और सरपंच चंदू राजा राजपूत के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई चेन की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों में लोगों की जांच की है। जिनमें लक्षण पाए गए, उन्हें जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में निगरानी में रखा गया है। कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी गई है।
मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव का सरपंच चंदू राजा बाहर से शराब लाकर बेचता था। उन्होंने सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच में घटना के कारणों, इसके पीछे की घटनाओं और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए आवश्यक कदमों की भी जांच की जाएगी।
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और भाजपा नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की और सवाल उठाया कि जहरीली शराब वहां कैसे पहुंची। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोगों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आबकारी और पुलिस विभाग के प्रति क्या आरोप लगाए गए?
- कांग्रेस सांसद ने इन विभागों को लापरवाही और जिम्मेदार ठहराया है, गिरफ्तारी की मांग की है।
- प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की क्या भूमिका रही?
- वे प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य जांच कर गंभीर लक्षण वाले मरीजों को अस्पतालों में निगरानी में रखा।
- मृतकों के परिजनों की क्या मांग है?
- परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
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