रूसी राष्ट्रपति पुतिन BRICS समिट में हिस्सा लेने भारत पहुंचे
पुतिन का स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया, मोदी से होगी बैठक
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। दोनों देश रक्षा, परमाणु ऊर्जा, व्यापार और मुद्रा विनिमय समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर सकते हैं। पुतिन का यह BRICS समिट में पहली व्यक्तिगत भागीदारी है।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेने भारत पहुंच गए हैं। उनका विमान रात करीब 3 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, जहां विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे।
पुतिन का यह BRICS समिट में पहली व्यक्तिगत भागीदारी होगी, क्योंकि फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस की कोई भी ब्रिक्स बैठक में वे व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए थे। समिट से पहले पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, जिसमें Su-57 फाइटर जेट और अपडेटेड ब्रह्मोस समेत कई रक्षा सौदों पर चर्चा हो सकती है।
रूस ने भारत को विमान की बिक्री के साथ-साथ भारत में इसका उत्पादन और आवश्यक तकनीक साझा करने की पेशकश पहले ही कर दी है। भारत चाहता है कि इस डील से उसे ऐसी तकनीक मिले, जिसका इस्तेमाल भविष्य में स्वदेशी लड़ाकू विमान बनाने में किया जा सके।
गुरुवार को जेवर एयरपोर्ट पर तीन रूसी ट्रांसपोर्ट विमान और ऑरस सीनेट बख्तरबंद लिमोजिन भी भारत पहुंची। पुतिन के साथ आने वाला ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ IL-96-300PU विमान चलता-फिरता राष्ट्रपति कमांड सेंटर है। दिल्ली में पुतिन की अंदरूनी सुरक्षा एफएसओ संभालेगी, जबकि भारतीय एजेंसियां बाहरी सुरक्षा का जिम्मा लेंगी।
रूस की दूसरी Il-96 स्पेशल फ्लाइट राजनयिकों के साथ दिल्ली पहुंची है। इसके अलावा, डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भी पहले ही भारत आ चुके हैं।
भारत और रूस S-400 मिसाइल सिस्टम की बाकी खेप की आपूर्ति और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इसके साथ ही SU-30MKI लड़ाकू विमानों को बेहतर रडार और नए हथियारों के साथ अपग्रेड करने पर भी चर्चा हो सकती है।
दोनों देश ब्रह्मोस मिसाइल के नए और हल्के संस्करण पर मिलकर काम बढ़ाने की तैयारी में हैं, जिसे तेजस जैसे लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकेगा।
रक्षा के अलावा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी बातचीत हो सकती है। रूस की सरकारी कंपनी रोसाटॉम भारत में कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र पर काम कर रही है। अब भारत में रूसी तकनीक से नए परमाणु संयंत्र लगाने पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर बनाने में भी सहयोग तलाश सकते हैं, जो बड़े संयंत्रों की तुलना में छोटे होते हैं।
भारत और रूस डॉलर की जगह अपनी-अपनी करेंसी में कारोबार बढ़ाना चाहते हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस डॉलर हटाने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि भुगतान के आसान तरीकों के लिए तैयार है। दोनों देशों के पास एक-दूसरे की करेंसी जमा हो गई है, जिसे कारोबार और निवेश में इस्तेमाल करने पर बातचीत हो सकती है।
व्यापार बढ़ाने के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। चेन्नई-व्लादिवोस्तोक मार्ग से सामान पहुंचाने का समय करीब 40 दिन से घटकर 20-22 दिन हो सकता है।
BRICS समिट में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान शामिल नहीं होंगे, जिसकी पुष्टि विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने की है।
पुतिन शुक्रवार को दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे और राजधानी में उनके दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पुतिन भारत में कहां रहेंगे?
- पुतिन मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे जहां उनकी प्राथमिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
- BRICS समिट से पहले पुतिन किससे मिलेंगे?
- पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे, जहां वे कई रक्षा सौदों पर चर्चा कर सकते हैं।
- भारत और रूस के बीच कौन-कौन से रक्षा प्रोजेक्ट हैं?
- दोनों देश ब्रह्मोस मिसाइल के नए और हल्के संस्करण तथा SU-30MKI विमानों के अपग्रेड पर काम कर रहे हैं।
- भारत और रूस के बीच व्यापार कैसे बढ़ाया जाएगा?
- इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग पर सहयोग बढ़ाया जाएगा।
- क्या BRICS समिट में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शामिल होंगे?
- नहीं, विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने पुष्टि की है कि तारिक रहमान शामिल नहीं होंगे।
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