पोलैंड सीमा के पास रूस ने यात्री ट्रेन के इंजन को ड्रोन से उड़ाया
पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन समेत कई राजनयिक ट्रेन से कुछ मिनट पहले निकले थे
यूक्रेन-पोलैंड सीमा के पास याहोदीन स्टेशन पर रूस ने ड्रोन हमले में एक यात्री ट्रेन का इंजन तबाह कर दिया, जिसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित कई राजनयिक यात्रा कर रहे थे। इस हमले के बाद पोलैंड ने नाटो सीमाओं पर अलर्ट जारी कर सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है।
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यूक्रेन और पोलैंड की सीमा के करीब याहोदीन स्टेशन पर रूस ने एक यात्री ट्रेन के इंजन को ड्रोन हमले में तबाह कर दिया। इस हमले से कुछ मिनट पहले ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और अन्य यूरोपीय राजनयिक उसी रेल मार्ग से गुजरे थे।
यूक्रेनी रेलवे ने दावा किया है कि इस हमले का असली निशाना डिप्लोमैटिक स्पेशल ट्रेन थी, जिसमें बोरिस जॉनसन, स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ड और पूर्व सीआईए निदेशक डेविड पेट्रियस शामिल थे। ये नेता कीव से एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेकर लौट रहे थे।
रियल-टाइम थ्रेट अलर्ट के कारण राजनयिक ट्रेन को निर्धारित समय से पहले स्टेशन से रवाना कर दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को समय रहते निकाल लिया गया, इसलिए इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ।
इस हमले के बाद पोलैंड सीमा से मात्र दो किलोमीटर दूर पोलिश लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिया गया और नाटो सीमाओं पर अलर्ट घोषित किया गया। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री अंद्री सिबीहा ने कहा कि रूस का यह आतंक सीधे यूरोपीय संघ और नाटो के दरवाजों पर दस्तक दे रहा है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रूस पश्चिमी देशों से यूक्रेन जाने वाले आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स रास्तों को बाधित करने की कोशिश कर रहा है।
इस घटना ने साबित कर दिया है कि यूक्रेन-रूस युद्ध का दायरा तेजी से पश्चिमी सीमाओं और नाटो के प्रभाव वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच रहा है।
हमले के बाद बोरिस जॉनसन ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे निरर्थक और हिंसक हमला बताया जो यूक्रेन के आम नागरिक और रेलवे रोजाना झेल रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इस हमले का मुख्य उद्देश्य क्या था?
- हमले का लक्ष्य पश्चिमी देशों से यूक्रेन जाने वाले आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स मार्गों को बाधित करना था।
- पोलैंड सरकार की प्रतिक्रिया क्या थी?
- पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने सुरक्षा अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई और स्थिति पर कड़ी नजर रखी।
- यूक्रेनी रेल प्रशासन की सुरक्षा उपाय क्या थे?
- राजनयिक ट्रेन को खतरे के कारण निर्धारित समय से पहले स्टेशन से रवाना कर दिया गया था।
- हमले के बाद रूस-यूक्रेन संघर्ष का क्या असर हुआ?
- संघर्ष का दायरा पश्चिमी सीमाओं और नाटो के प्रभाव वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच गया है।
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