करौली नगर परिषद में सभापति पद के लिए भाजपा-कांग्रेस की सियासी जंग तेज
55 वार्डों में 325 प्रत्याशियों के बीच 14 सितंबर को मतगणना, निर्दलीय बन सकते हैं किंगमेकर
करौली नगर परिषद के सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला जारी है, जहां 55 वार्डों में 325 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में दर्ज है। 14 सितंबर को मतगणना होगी और दोनों दल निर्दलीय पार्षदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश में लगे हैं। सपोटरा और मंडरायल नगरपालिकाओं में भी पहली बार अध्यक्ष चुना जाएगा, जिससे स्थानीय राजनीतिक रणनीतियां सक्रिय हो गई हैं।
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करौली। करौली नगर परिषद के सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। 55 वार्डों में 325 प्रत्याशियों का चुनावी भविष्य ईवीएम में कैद है और 14 सितंबर को मतगणना होगी। राजनीतिक दल संभावित नतीजों का आकलन कर जोड़-तोड़ की तैयारी में जुटे हैं।
करौली नगर परिषद के साथ सपोटरा और मंडरायल नगरपालिकाओं में मतदान पूरा हो चुका है। मतदान के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक बूथ के आंकड़ों के आधार पर जीत-हार का हिसाब लगा रहे हैं। भाजपा की ओर से विधायक दर्शनसिंह गुर्जर सक्रिय हैं जबकि पूर्व सभापति राजाराम गुर्जर संभावित विजेता पार्षदों से संपर्क कर रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक लाखनसिंह अपने समर्थकों के साथ बोर्ड बनाने के समीकरण साधने में लगे हैं।
दोनों दलों की नजर निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी है। अगर किसी दल को साफ बहुमत नहीं मिलता या बहुमत के करीब आंकड़े रहते हैं तो निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों से संपर्क कर उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
चुनाव नतीजों के बाद संभावित जोड़-तोड़ को देखते हुए पार्षदों की बाड़ाबंदी की अटकलें भी तेज हैं। नवगठित सपोटरा और मंडरायल नगरपालिकाओं में पहली बार अध्यक्ष चुना जाएगा, जहां भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की साख दांव पर है। अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब जनादेश से तय होगा कि शहरी सरकार की कमान किसके हाथ में जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- करौली नगर परिषद के अलावा और कहां मतदान हुआ?
- सपोटरा और मंडरायल नगरपालिकाओं में भी मतदान पूरा हो चुका है।
- भाजपा की चुनावी रणनीति में कौन सक्रिय हैं?
- भाजपा की ओर से विधायक दर्शनसिंह गुर्जर सक्रिय हैं।
- कांग्रेस की चुनावी तैयारी कैसे चल रही है?
- पूर्व विधायक लाखनसिंह अपने समर्थकों के साथ बोर्ड बनाने की कोशिशों में लगे हैं।
- सपोटरा और मंडरायल नगरपालिका में क्या नया है?
- यहां पहली बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा, जिससे स्थानीय नेताओं की साख दांव पर है।
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