पोकरण के रामदेवरा में 642वां भादवा मेला शुरू
देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि पर दर्शन के लिए पहुंचे
पोकरण के रामदेवरा में 642वां भादवा मेला भादवा माह की द्वितीया को शुरू हुआ है, जो 22 सितंबर तक चलेगा। मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि पर दर्शन कर अपनी मनोकामना पूरी करते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समाधि स्थल 24 घंटे खुला रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है।
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पोकरण। पोकरण के पास रामदेवरा गांव में 642वां भादवा मेला भादवा माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को शुरू हुआ। यह मेला 22 सितंबर तक चलेगा, जिसमें देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि पर दर्शन कर अपनी मनोकामना पूरी करेंगे।
रामदेवरा स्थित बाबा रामदेव की समाधि पर रविवार तड़के पंचामृत से अभिषेक किया गया। सुबह 8 बजे मंगला आरती के बाद समाधि पर स्वर्ण मुकुट चढ़ाया गया। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समाधि स्थल को 24 घंटे खुला रखा जाएगा, जबकि आम दिनों में दर्शन के लिए 18 से 20 घंटे की व्यवस्था रहती है।
समाधि परिसर के बाहर श्रद्धालुओं को आठ कतारों में दर्शन करवाने की व्यवस्था की गई है। मुख्य द्वार पर मैटल डिटेक्टर गेट से प्रत्येक श्रद्धालु की जांच की जा रही है। रामसरोवर पर पुलिस चौकी, स्वास्थ्य चौकी और एसडीआरएफ के तैराकों की व्यवस्था भी की गई है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा था। भादवा माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को 2 से 3 किलोमीटर लंबी कतार में श्रद्धालुओं ने तीन से चार घंटे तक इंतजार कर समाधि के दर्शन किए। एक अनुमान के अनुसार पिछले एक माह में देश के विभिन्न हिस्सों से 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए हैं।
भादवा माह की द्वितीया को मध्यरात्रि बाद 12 बजे समाधि परिसर के द्वार बंद कर सफाई की गई। इससे पहले रात 11 बजे ही श्रद्धालुओं की भीड़ लाइनों में लग गई थी।
कुलदेवता के पवित्र धाम पलवाइया से विशेष पुरोहित को पूजा अर्चना के लिए आमंत्रित किया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ बाबा गणिनाथ गोविंद जी महाराज की पूजा शुरू हुई। जयंती समारोह में बारसोई क्षेत्र के साथ आस-पास के जिले और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
श्रावणी मेला समाप्ति के बाद बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर की व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर न्यास समिति की बैठक हुई। इसमें वर्ष 2026 के श्रावणी मेला के आय-व्यय की समीक्षा के साथ मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ राजू कुमार ने की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भादवा मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
- मुख्य द्वार पर मैटल डिटेक्टर गेट लगाये गए हैं और पुलिस चौकी, स्वास्थ्य चौकी तथा एसडीआरएफ के तैराक मौजूद हैं।
- भादवा मेले में पूजा-अर्चना का आयोजन कैसे हुआ?
- पलवाइया से विशेष पुरोहित आमंत्रित किए गए थे, जिनके साथ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के तहत बाबा गणिनाथ गोविंद जी महाराज की पूजा हुई।
- श्रावणी मेला समाप्ति के बाद क्या बैठक हुई?
- न्यास समिति की बैठक में वर्ष 2026 के श्रावणी मेले के आय-व्यय की समीक्षा के साथ मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर चर्चा हुई।
- समाधि पर अभिषेक कब और कैसे किया गया?
- रविवार तड़के पंचामृत से अभिषेक किया गया और सुबह मंगला आरती के बाद स्वर्ण मुकुट चढ़ाया गया।
- मेले में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए कितना समय तक इंतजार करना पड़ा?
- भादवा माह की प्रतिपदा को श्रद्धालुओं को तीन से चार घंटे तक कतार में इंतजार करना पड़ता है।
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