तीन दशक बाद भी नहीं बना स्थायी न्यायालय भवन
जनपद गठन के बाद भी न्यायालय परिसर का निर्माण शुरू नहीं हुआ
सोनभद्र जनपद का गठन 4 मार्च 1989 को हुआ था, लेकिन अब तक स्थायी न्यायालय भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। भूमि स्वीकृति के बाद भी पंचमुखी पहाड़ी, राबर्ट्सगंज में निर्माण कार्य लंबित है और अधिकारियों से इसे प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
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जनपद का गठन 4 मार्च 1989 को हुआ था, लेकिन आज तक स्थायी एवं सुविधायुक्त न्यायालय भवन नहीं बन पाया है। उच्चाधिकारियों से मांग की गई है कि इस महत्वपूर्ण मामले को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए।
जनपद के गठन के तीन दशक बाद भी न्यायालय भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। पंचमुखी पहाड़ी, राबर्ट्सगंज में भूमि स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य लंबित है। सोनभद्र की विशाल भौगोलिक स्थिति, बड़ी आबादी और न्यायिक आवश्यकताओं को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी न्यायालय परिसर का निर्माण अब बेहद जरूरी हो गया है।
कुमार सिंह एडवोकेट ने बताया कि जनपद का गठन 4 मार्च 1989 को हुआ था। राजेंद्र कुमार यादव ने उच्चाधिकारियों एवं संबंधित सक्षम प्राधिकारी से मांग की है कि न्यायहित और जनहित के इस महत्वपूर्ण मामले को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए और निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जनपद की भौगोलिक स्थिति किस प्रकार है?
- सोनभद्र की विशाल भौगोलिक स्थिति और बड़ी आबादी न्यायालय भवन के निर्माण को जरूरी बनाती है।
- स्थानीय वकीलों की इस मामले में क्या भूमिका है?
- कुमार सिंह एडवोकेट ने जनपद गठन की जानकारी दी और न्यायालय भवन निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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