आकृति चौधरी पर NSA रद्द, मेधा रूपम को 5 लाख हर्जाना भरना होगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा डीएम के आदेश को अवैध करार दिया और अफसरों के वेतन से मुआवजा वसूलने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा डीएम मेधा रूपम द्वारा छात्र नेता आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने का आदेश रद्द कर दिया और मेधा रूपम समेत सभी अफसरों को 5 लाख रुपये हर्जाना भरने तथा सेवा रिकॉर्ड में निरंकुश आचरण दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने NSA लगाने की प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन की बात कही और आकृति चौधरी को 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग खारिज कर 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को नोएडा डीएम मेधा रूपम द्वारा छात्र नेता आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने मेधा रूपम समेत सभी अफसरों को 5 लाख रुपये हर्जाना भरने और उनकी सेवा रिकॉर्ड में निरंकुश आचरण दर्ज करने का आदेश दिया।
कोर्ट की टिप्पणी और आदेश
हाईकोर्ट ने कहा कि नोएडा डीएम ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर NSA लगाने से पहले सबूतों पर निष्पक्ष तरीके से गौर नहीं किया और सामान्य कानून क्यों पर्याप्त नहीं थे, यह नहीं देखा। अदालत ने यह भी कहा कि वह अवैध काम को दुरुस्त करने के साथ जुर्माना भरने और सर्विस रिकॉर्ड में निरंकुश आचरण दर्ज करने जैसे कड़े आदेश दे सकता है।
मामले का विवरण
अप्रैल में नोएडा के मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्र नेता आकृति चौधरी पर NSA लगाया गया था। कोर्ट ने माना कि आकृति को 11 अप्रैल की शाम हिरासत में लिया गया और 12 अप्रैल को गिरफ्तारी दर्ज की गई। आंदोलन में 13 अप्रैल को हुई हिंसा से दो दिन पहले गिरफ्तारी के कारण उसे जिम्मेदार ठहराने के लिए कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने NSA लगाने के आदेश को उपहास के लायक बताया और कहा कि डीएम ने इस आदेश से एक उदाहरण पेश किया ताकि लोग मजदूर आंदोलन के समर्थन में न आएं।
NSA लगाने की प्रक्रिया
NSA की प्रारंभिक रिपोर्ट थाना से शुरू होती है और एसपी या पुलिस कमिश्नर की मंजूरी के बाद पुलिस विभाग से सिफारिश डीएम के पास पहुंचती है। डीएम रिपोर्ट से संतुष्ट होने पर इसे NSA सलाहकार बोर्ड को भेजते हैं। सलाहकार बोर्ड की सिफारिश पर राज्य सरकार का गृह विभाग निर्णय लेता है। जब सभी स्तर पर लोग रिपोर्ट से सहमत होते हैं तो NSA लगाने का आदेश जारी होता है।
मुआवजा और आगे की कार्रवाई
कोर्ट ने आकृति चौधरी को 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को खारिज करते हुए 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि NSA लगाने में शामिल सभी अफसरों के वेतन से वसूलने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने मेधा रूपम समेत सभी अफसरों की सेवा रिकॉर्ड में कोर्ट की नाराजगी दर्ज करने का भी आदेश दिया। NSA हटने के बाद भी आकृति की रिहाई तब होगी जब आंदोलन में दर्ज अन्य मामलों में भी उन्हें जमानत नहीं मिलेगी।
अगर अफसर अपनी शपथ तोड़ेंगे तो उत्तर प्रदेश के लोग उन्हें अंग्रेजी सल्तनत की एक निशानी के तौर पर देखेंगे
कोर्ट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- NSA लगाने की प्रक्रिया में किन विभागों की मंजूरी शामिल होती है?
- NSA लगाने की प्रक्रिया में थाना से प्रारंभ होकर एसपी/पुलिस कमिश्नर, डीएम, NSA सलाहकार बोर्ड और राज्य सरकार का गृह विभाग शामिल होता है।
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