मंत्री मदन दिलावर ने कोटा की अन्नपूर्णा रसोई का किया अचानक निरीक्षण
रोटियां जली मिलीं, चावल खत्म होने से थाली अधूरी, जांच के निर्देश
कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अन्नपूर्णा रसोई का अचानक निरीक्षण किया, जिसमें जली हुई रोटियां और चावल न मिलने जैसी कमियां पाईं गईं। उन्होंने रसोई व्यवस्थाओं में खामियां पाते हुए नगर निगम आयुक्त को भोजन की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।
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कोटा। कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने 12 सितंबर को केशवपुरा चौराहे के पास संचालित अन्नपूर्णा रसोई का अचानक निरीक्षण किया। मंत्री ने खुद बैठकर भोजन किया, जिसमें जली हुई रोटियां परोसी गईं और चावल नहीं मिला। उन्होंने रसोई की व्यवस्थाओं में कमियां पाई और जांच के आदेश दिए।
मंत्री दिलावर दोपहर करीब दो बजे बिना पूर्व सूचना के अन्नपूर्णा रसोई पहुंचे। उन्होंने पहले रसोई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और फिर भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए खुद खाना खाया। मंत्री ने निर्धारित राशि का बिल भी भुगतान किया।
निरीक्षण के दौरान पता चला कि भोजन करने वालों को थाली में चावल नहीं दिया जा रहा था। रोटियां जली हुई थीं, जबकि भोजन की गुणवत्ता कुल मिलाकर ठीक थी। मंत्री ने कहा, "रसोई में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता कुल मिलाकर ठीक थी, लेकिन रोटियां जली हुई थीं।"
मंत्री ने रसोई की व्यवस्थाओं में भी कई कमियां देखीं। भोजन परोसने के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित व्यवस्था नहीं थी। लोग खुद ही खाना लेकर अपनी थाली में परोस रहे थे और फिर भोजन लेकर जा रहे थे। टेबल पर रखी जूठी प्लेटों को उठाने की भी उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे सफाई और संचालन पर सवाल खड़े हुए।
मंत्री मदन दिलावर ने कोटा नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा को भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रसोई में लोगों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार भोजन मिले और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
इस निरीक्षण के बाद निगम स्तर पर भोजन की गुणवत्ता और रसोई के संचालन की जांच शुरू कर दी गई है।
अन्नपूर्णा रसोई योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों को किफायती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। मंत्री के निरीक्षण में सामने आई कमियों ने व्यवस्था की निगरानी और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।
केशवपुरा में संचालित अन्नपूर्णा रसोई में मिली कमियों को लेकर मंत्रीजी के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त, नगर निगम कोटा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अन्नपूर्णा रसोई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- यह योजना जरूरतमंदों को किफायती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
- अन्नपूर्णा रसोई में कौन-कौन सी व्यवस्थागत समस्याएं मिलीं?
- भोजन परोसने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और जूठी प्लेटों की सफाई का कोई प्रबंध नहीं था।
- नगर निगम ने अन्नपूर्णा रसोई के मुद्दे पर क्या कार्रवाई की है?
- जांच शुरू कर दी गई है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मंत्री ने खुद भोजन कैसे किया?
- उन्होंने खुद बैठकर भोजन लिया और निर्धारित राशि का बिल भी भुगतान किया।
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