मायावती ने कहा, जातिवाद से 2012 में बसपा की सरकार नहीं बनी
बसपा सुप्रीमो ने युवाओं को 50% भागीदारी देने और सभी वर्गों को प्राथमिकता का निर्देश दिया
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि विरोधी दलों के जातिवादी रवैये के कारण 2012 में उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार नहीं बन सकी। उन्होंने पार्टी में युवाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी देने और आगामी विधानसभा चुनावों में सभी वर्गों के मेहनती व युवा उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का anuncio किया। बसपा अंबेडकरवादी राजनीति को आगे बढ़ाने और बहुजन समाज के हित पर काम कर रही है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि विरोधी दलों के जातिवादी रवैये के कारण 2012 में उत्तर प्रदेश में पार्टी पांचवीं बार सरकार नहीं बना सकी। उन्होंने पार्टी में युवाओं को पचास प्रतिशत भागीदारी देने और आगामी विधानसभा चुनावों में सभी वर्गों के मेहनती व युवा उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का ऐलान किया।
मायावती ने बताया कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन में जेन-जेड की भागीदारी लगभग पचास प्रतिशत तक सुनिश्चित करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि नई पीढ़ी के माध्यम से देश में अंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों का तेजी से विकास हो सके।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि उम्मीदवार चुनते समय सर्वसमाज के योग्य लोगों के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जाए। मायावती ने कहा कि उनका पूरा ध्यान बहुजन समाज के हित, कल्याण और उसे आत्मनिर्भर बनाने पर है।
बसपा की चार बार की सरकारों में कानून का राज मजबूत था, लेकिन उसके बाद प्रदेश में कानून का राज कमजोर हुआ है जिससे जनता परेशान है। मायावती ने कहा कि विरोधी दलों का एकमात्र उद्देश्य पार्टी को सरकार बनाने से रोकना है, जिसके लिए वे साम, दाम, दंड, भेद जैसी नीच चालें अपनाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निकाले गए नेताओं को वापस नहीं लिया जाएगा। मायावती ने पार्टीजनों से कहा कि वे विरोधी दलों, जातिवादी मीडिया और सोशल मीडिया के जहरीले प्रचार से सावधान रहें और इस साजिश को सफल न होने दें।
बसपा अब 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में नई पीढ़ी पर फोकस कर रही है ताकि अंबेडकरवादी विचारधारा को व्यापक आधार मिल सके। मायावती ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने मिशन में पूरी लगन से जुटे रहना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कांशीराम की तरह अपने परिवार के युवाओं को पार्टी के काम तक सीमित रखा है और उन्हें सांसद, विधायक या मंत्री पद का लाभ नहीं दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बसपा युवाओं को पार्टी में कैसे शामिल कर रही है?
- पार्टी संगठन में जेन-जेड की लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया चल रही है ताकि नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़े।
- मायावती ने महिला उम्मीदवारों के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चुनते समय युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- बसपा सरकारों में कानून का राज कैसा था?
- बसपा की चार बार की सरकारों में कानून का राज मजबूत था, लेकिन उसके बाद प्रदेश में कानून का राज कमजोर हो गया।
- मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों पर क्या रुख दिखाया?
- उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निकाले गए नेताओं को वापस नहीं लिया जाएगा।
- बसपा 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कैसे कर रही है?
- बसपा 2027 के चुनावों के लिए नई पीढ़ी पर फोकस कर रही है ताकि अंबेडकरवादी विचारधारा को व्यापक आधार मिल सके।
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