कोटा में 67.66% मतदान, ऑक्सीजन सपोर्ट पर महिला ने डाला वोट
कोटा नगर निगम के 373 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद, मेयर पद की दौड़ तेज
कोटा नगर निगम चुनाव में 67.66 प्रतिशत मतदान हुआ है, जिसमें वार्ड 74 की माया शर्मा ने ऑक्सीजन सपोर्ट पर वोट डाला। इस चुनाव में 373 प्रत्याशी मैदान में हैं और मेयर पद के लिए हाईब्रिड सिस्टम के तहत चुनाव हो सकता है।
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कोटा। कोटा नगर निगम चुनाव में इस बार 67.66 प्रतिशत मतदान हुआ है। मतदान के दौरान वार्ड 74 की माया शर्मा ने खराब स्वास्थ्य के बावजूद ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ वोट डाला। 373 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है।
कोटा में मतदान की रफ्तार शुरू से धीमी रही। सुबह 10 बजे तक पहले तीन घंटे में 18 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि अगले तीन घंटे में 20 प्रतिशत वोट पड़े। दोनों प्रमुख दलों की टीमों ने मतदाताओं को घर से बाहर निकालने में पूरी ताकत झोंक दी।
पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत लगभग समान रहा, जिससे दोनों दलों की चिंता बढ़ गई है। साल 2014 में कोटा में सबसे ज्यादा 67 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार 67.66 प्रतिशत मतदान ने दोनों प्रमुख दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
कोटा नगर निगम के क्षेत्र में कई बड़े नेताओं ने वोट डाला है, जिनमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा उत्तर विधायक व पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, प्रहलाद गुंजल सहित कई पार्टी और संगठन के नेता शामिल हैं।
इस चुनाव में 373 प्रत्याशी मैदान में हैं। पिछले चुनाव में दोनों निगमों में कुल 150 वार्ड थे, जिनमें से 17 वार्डों में निर्दलीय जीत हासिल की थी। कोटा उत्तर में 9 और कोटा दक्षिण में 8 निर्दलीय जीते थे। दक्षिण निगम में कांग्रेस और भाजपा को 36-36 वार्डों में जीत मिली थी। कांग्रेस ने निर्दलीयों की मदद से मेयर पद पर कब्जा किया था।
वोटिंग से पहले ही कांग्रेस और भाजपा दोनों दल बागियों को मनाने में जुट गए थे और उनकी रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय भेज दी थी, लेकिन दोनों दलों ने बागियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस बार भी दोनों दलों के बागी मैदान में डटे रहे।
कोटा नगर निगम में अब तक ज्यादातर मेयर भाजपा के खेमें के रहे हैं। 1994 से 2020 तक चार बार भाजपा के मेयर रहे, जबकि 2009 और 2020 में कांग्रेस के मेयर बने। लोकसभा चुनाव से पहले कोटा दक्षिण के मेयर भाजपा में शामिल हो गए, जिससे दक्षिण निगम में भाजपा का कब्जा हो गया।
इस बार मेयर पद के लिए हाईब्रिड सिस्टम से चुनाव हो सकता है, जिसमें पार्षद चुनाव लड़े बिना भी मेयर का नाम सामने आ सकता है। कांग्रेस में अमोलक देवी, देवबाई गुर्जर, आईना महक, सीमा यादव और सविता सुवालका मेयर पद की दौड़ में हैं। अमोलक देवी वार्ड 57 से 2004 और 2009 में पार्षद रह चुकी हैं और 2020 में मामूली मतों से हारने के बाद मनोनीत पार्षद बनीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इस चुनाव में प्रमुख नेताओं ने कैसे हिस्सा लिया?
- लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कई अन्य बड़े नेता भी वोट डालने पहुंचे।
- निर्दलीयों का इस चुनाव में क्या प्रभाव रहा है?
- पिछले चुनाव में 17 वार्डों में निर्दलीयों ने जीत हासिल की थी, जिनकी मदद से कांग्रेस ने मेयर पद जीता था।
- कोटा नगर निगम में मेयर पद के चुनाव का नया तरीका क्या हो सकता है?
- इस बार मेयर पद के लिए हाईब्रिड सिस्टम से चुनाव हो सकता है, जिसमें पार्षद चुनाव न लड़कर भी मेयर का नाम सामने आ सकता है।
- कांग्रेस के मेयर पद के उम्मीदवार कौन-कौन हैं?
- अमोलक देवी, देवबाई गुर्जर, आईना महक, सीमा यादव और सविता सुवालका मेयर पद के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
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