मायावती ने आनंद कुमार के बेटों को बसपा में जिम्मेदारी से रोका
बसपा सुप्रीमो ने परिवारवाद को खारिज करते हुए युवाओं को संगठन में बढ़ावा देने का दिया निर्देश
बसुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उनके भाई आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में कोई राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी और परिवारवाद को पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने पार्टी में युवाओं को लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी देने और आगामी चुनावों में युवा चेहरों को प्राथमिकता देने की योजना का संकेत दिया है।
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यूपी। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने साफ किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के बेटों को पार्टी में कोई राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने परिवारवाद को पूरी तरह से खारिज करते हुए युवाओं को संगठन में करीब 50 प्रतिशत भागीदारी देने की योजना का भी संकेत दिया।
मायावती ने कहा कि BSP सरकार के बाद प्रदेश में कानून का राज कमजोर हुआ और सरकारी विकास का दावा लोगों की समस्याएं दूर नहीं कर पा रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि बसपा सरकार के दौरान सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण-शहरी विकास पर काम हुआ था। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, छात्रावास, ट्रेनिंग सेंटर और पार्क भी स्थापित किए गए।
उन्होंने 2012 की हार का जिम्मेदार विरोधी दलों के जातिवादी रवैये को ठहराया और आरोप लगाया कि BSP को यूपी में सरकार बनाने से रोकने के लिए साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल किया जा रहा है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत से अंबेडकरवादी मिशन में जुटे रहने की अपील की।
परिवारवाद को लेकर मायावती ने स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलने की आड़ में उसके परिवार के अन्य सदस्यों को राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे अपने भाई-बहनों और उनके परिवार के युवाओं को सांसद, विधायक, मंत्री या अन्य राजनीतिक पदों से दूर रखती रही हैं। आनंद कुमार को सुरक्षा की जरूरत के कारण अपने साथ रखा गया है।
आनंद कुमार लंबे समय से पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन भविष्य में उनकी दोनों बेटों को कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनकी बेटी कुमारी दीपिका आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जो फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। अगर दीपिका तैयार नहीं होतीं तो पार्टी की सहमति से दलित समाज के किसी मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मायावती ने संगठन में युवाओं को तरजीह देने के निर्देश दिए हैं और कहा कि पार्टी में युवाओं को लगभग 50 प्रतिशत तक संगठनात्मक भागीदारी दी जाएगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में युवा चेहरों को प्राथमिकता देने की बात कही। Gen-Z और Gen-Alpha की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पार्टी में नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने अंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की भी बात कही और संगठन में महिला और पुरुष दोनों युवा चेहरों को अवसर दिए जाने पर जोर दिया।
मायावती ने सोशल मीडिया पर BSP से निष्कासित नेताओं की वापसी की खबरों को फेक न्यूज बताया और कहा कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित लोगों को वापस नहीं लिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आनंद कुमार की बेटी को पार्टी में जिम्मेदारी कब दी जा सकती है?
- दीपिका आनंद फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं; उनकी तैयार होने पर पार्टी में जिम्मेदारी दी जाएगी।
- मायावती ने युवाओं को पार्टी में किस तरह तरजीह देने की बात कही?
- उन्होंने 50 प्रतिशत तक संगठनात्मक भागीदारी देने और आगामी चुनावों में युवा चेहरों को प्राथमिकता देने की बात कही।
- बसपा ने 2012 की हार के लिए क्या कारण बताए?
- मायावती ने जातिवादी रवैये और साम-दाम-दंड-भेद के इस्तेमाल को हार का जिम्मेदार बताया।
- परिवारवाद पर मायावती का क्या दृष्टिकोण है?
- उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलने की आड़ में उसके परिवार के अन्य सदस्यों को राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाएगा।
- निष्कासित नेताओं की वापसी पर पार्टी का क्या موقف है?
- मायावती ने कहा कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित नेताओं को वापस नहीं लिया जाएगा।
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