मायावती ने ईशान को राजनीति में लाने का दांव खेला
युवा नेतृत्व को बढ़ावा देकर जेन-जी को साधने की कोशिश
बहुजन समाज पार्टी ने युवा नेता ईशान आनंद को राजनीति में लाकर युवा वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। मायावती ने आकाश आनंद की जगह ईशान को पार्टी में आगे बढ़ाया है और कई अन्य पदाधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
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बहुजन समाज पार्टी ने युवा नेता ईशान आनंद को राजनीति में लाकर नई रणनीति अपनाई है। मायावती ने आकाश आनंद की जगह ईशान को पार्टी में आगे बढ़ाया है ताकि युवा वर्ग में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके।
पार्टी अध्यक्ष मायावती ने ईशान को पिछले साल अपने जन्मदिन पर सबसे मिलवाया था। करीब 27 वर्ष के ईशान ने लंदन में पढ़ाई की है और सक्रिय राजनीति में आने से पहले अपने पिता आनंद कुमार का कारोबार संभाल रहे थे। उनका विवाह बीते वर्ष 24 अप्रैल को हरियाणा में नोएडा के कारोबारी की बेटी राधिका खन्ना से हुआ था, जिसमें मायावती भी मौजूद थीं।
मायावती की इस रणनीति के पीछे जेन-जी को साधने का मकसद माना जा रहा है। आकाश आनंद युवा वर्ग में खासे लोकप्रिय थे, इसलिए उनकी जगह ईशान को लाकर पार्टी में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया है। साथ ही आकाश को हटाए जाने से उपजी नाराजगी को कम करने की कोशिश भी की गई है।
इसके साथ ही मायावती ने कई पदाधिकारियों का कद भी बढ़ाया है। हाल ही में पार्टी से बाहर किए गए रणधीर सिंह बेनीवाल की वापसी के बाद उन्हें सहारनपुर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है। नेशनल कोआर्डिनेटर रामजी गौतम और लालाराम को भी कई अन्य राज्यों का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा विपुल कुमार को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ईशान आनंद का राजनीतिक प्रवेश कब हुआ?
- मायावती ने ईशान को पिछले साल अपने जन्मदिन पर पार्टी में सामने लाया था।
- ईशान आनंद का पारिवारिक व्यवसाय क्या है?
- राजनीति में आने से पहले ईशान अपने पिता आनंद कुमार के कारोबार को संभाल रहे थे।
- रणधीर सिंह बेनीवाल को किस क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है?
- रणधीर सिंह बेनीवाल को सहारनपुर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है।
- मायावती ने पार्टी में युवा नेतृत्व को क्यों बढ़ावा दिया?
- यह कदम पार्टी की जेन-जी (युवा वर्ग) में पकड़ मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
- मायावती ने अन्य पदाधिकारियों को क्या जिम्मेदारियां दीं?
- नेशनल कोआर्डिनेटर रामजी गौतम और लालाराम को कई अन्य राज्यों का प्रभार सौंपा गया है, और विपुल कुमार को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है।
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