बांसवाड़ा के किशनगढ़ रेनवाल में वार्डों में कांटे की टक्कर
वार्ड 24, 21 और 25 में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला तेज
बांसवाड़ा के किशनगढ़ रेनवाल नगरपालिका के 60 वार्डों में 9 सितंबर को मतदान होगा, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और कई निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मुकाबले में हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और प्रचार सोमवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। कुछ वार्डों में स्थानीय समस्याओं पर मतदाताओं की चिंता नजर आ रही है।
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बांसवाड़ा। बांसवाड़ा के किशनगढ़ रेनवाल नगरपालिका के 60 वार्डों में चुनावी गतिविधियां अंतिम चरण में हैं। वार्ड 24, 21 और 25 में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। मतदान 9 सितंबर को होगा और प्रशासन ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
किशनगढ़ रेनवाल नगरपालिका के वार्ड 24 में भाजपा के टिकट पर पूर्व मंडल अध्यक्ष की पत्नी चुनाव लड़ रही हैं। इस वार्ड में एक निर्दलीय प्रत्याशी भी है, जिससे मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। वार्ड 21 में भी भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच रोचक टक्कर है, जहां दोनों अपने मतदाताओं से संपर्क कर माहौल बनाने में लगे हैं।
वार्ड 25 में नगर कांग्रेस अध्यक्ष की पत्नी और भाजपा मंडल के महामंत्री की पत्नी प्रत्याशी हैं। इस वार्ड के चुनाव परिणाम से दोनों दलों के स्थानीय नेताओं की प्रतिष्ठा जुड़ी है।
वार्ड 3 में कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार एडवोकेट अर्जुन मकवाना के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। स्थानीय मतदाताओं के अनुसार इस वार्ड में डंपिंग यार्ड की समस्या सबसे बड़ी है, जिससे प्रदूषण और गंदगी बढ़ी है। कुछ लोगों ने बताया कि प्रदूषण से सांस लेने में दिक्कत होती है और मवेशियों की मौत भी हो रही है।
स्थानीय महिलाओं और मतदाताओं का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा ने क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी अर्जुन मकवाना लगातार डंपिंग यार्ड की समस्या प्रशासन के सामने रख रहे हैं, जो उनके प्रचार का मुख्य आधार है।
चुनाव प्रचार सोमवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पर रोक रहेगी। प्रशासन और पुलिस ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
9 सितंबर को मतदान होगा और 22 सितंबर को उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।
चुनाव में कांग्रेस, भाजपा, बसपा और कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। कई वार्डों में बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों के कारण मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशी घर-घर जाकर वोट मांगते दिखे।
वोट खरीद-फरोख्त की चर्चाएं भी चल रही हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और रिटर्निंग अधिकारियों के सामने निष्पक्ष चुनाव कराने की चुनौती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वार्ड 3 में मुख्य चुनावी मुद्दा क्या है?
- वार्ड 3 में डंपिंग यार्ड की समस्या मुख्य मुद्दा है, जिससे प्रदूषण और मवेशियों की मौत हो रही है।
- वार्ड 25 के चुनाव परिणाम क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- यह परिणाम स्थानीय कांग्रेस और भाजपा नेताओं की प्रतिष्ठा से जुड़ा है क्योंकि नगर कांग्रेस अध्यक्ष और भाजपा मंडल महामंत्री की पत्नियां उम्मीदवार हैं।
- निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति कैसी है?
- कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों के कारण मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, और कुछ जैसे अर्जुन मकवाना प्रमुख स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय हैं।
- क्या वोट खरीद-फरोख्त की पुष्टि हुई है?
- वोट खरीद-फरोख्त की चर्चाएं हैं लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
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