मंडोर भैरूजी मंदिर में 3500 किलो फूलों से सजावट
शहर में मंदिरों और घरों में दान-पुण्य का दौर, प्रसादी भी वितरित हुई
मंडोर स्थित काला गौरा भैरूजी मंदिर में भादवा मास की अमावस्या पर 3500 किलो फूलों से सजावट की गई और जातरुओं के लिए प्रसादी का आयोजन हुआ। इसके अलावा, विभिन्न धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें गोगाजी पूजा, अणगा मेला, ऋषि पंचमी व्रत और सामूहिक भोज शामिल हैं।
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भादवा मास की अमावस्या पर शुक्रवार को शहर में मंदिरों से लेकर घरों तक दान-पुण्य का दौर चला। मंडोर स्थित काला गौरा भैरूजी मंदिर में 3500 किलो फूलों से फूलमंडली सजाई गई। इस दौरान दोपहर में बाबा के जातरुओं के लिए प्रसादी भी हुई, उपाध्यक्ष विकास गहलोत ने बताया।
फूलों की सजावट के लिए 250 से ज्यादा पुष्प विक्रेताओं ने डेढ़ हजार किलो हजारा, गुलाब और पीले फूलों के साथ मुंबई, पुणे और बेंगलुरु से मंगाए गए फूलों का इस्तेमाल किया। इसकी तैयारियां दो दिन पहले से शुरू कर दी गई थीं। शुक्रवार को पुष्प विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
श्रीमाली समाज की ओर से भादवा शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर शनिवार को गोगाजी का पूजन किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को घरों में व्यंजन तैयार किए गए। शनिवार को पंचकुंड स्थित सुखेश्वर महादेव मंदिर में अणगा मेले का आयोजन होगा। समाजबंधु सुबह से शाम तक मंदिर परिसर में शामिल होंगे और सामूहिक भोज होगा।
समाजबंधुओं की सुविधा के लिए चांदपोल स्थित शिवबाड़ी से वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। उदयातिथि के अनुसार ऋषि पंचमी 15 सितंबर को मनाई जाएगी। ब्राह्मण समाज की महिलाएं पूरे साल अनजाने में हुए दोषों की क्षमा मांगते हुए सरोवर पर तर्पण करेंगी। भीतरी शहर के पदमसागर पर बड़ी संख्या में महिलाएं तर्पण में शामिल होंगी।
इस दिन मणिचे के आटे का हलवा, केर-सांगरी का रायला और तोरी की सब्जी का सेवन किया जाएगा। कायस्थ समाज की ओर से भी इस दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भादवा मास की अमावस्या कब मनाई जाती है?
- यह अमावस्या भादवा मास में आती है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार आती है।
- क्या फूल मंडोर के बाहर से भी मंगाए गए थे?
- हां, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु से भी फूल मंडोर मंदिर के लिए मंगाए गए।
- ऋषि पंचमी कब मनाई जाएगी और इसका क्या महत्व है?
- ऋषि पंचमी 15 सितंबर को मनाई जाती है, जब ब्राह्मण समाज की महिलाएं तर्पण करके दोषों की क्षमा मांगती हैं।
- अणगा मेले का आयोजन कहाँ और कब होगा?
- अणगा मेला शनिवार को पंचकुंड स्थित सुखेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित होगा।
- समाजबंधुओं के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं?
- समाजबंधुओं की सुविधा के लिए चांदपोल स्थित शिवबाड़ी से वाहनों की व्यवस्था की गई है।
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