कीरपुरिया व बेनीखेड़ा से श्रद्धालु देवधाम झाड़ौता व लदेरा के लिए रवाना
बारां जिले के ग्रामीण क्षेत्र में क्षेत्र की खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना के लिए दो पदयात्राएं निकाली गईं
बारां जिले के कीरपुरिया और बेनीखेड़ा गांव से श्रद्धालु देवधाम झाड़ौता और लदेरा मंदिरों की पदयात्रा के लिए रवाना हुए। ये यात्राएं क्षेत्र की खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना के लिए आयोजित की गई हैं। दोनों स्थानों से भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद जयकारे लगाते हुए निकले।
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बारां। बारां जिले के कीरपुरिया गांव से श्रद्धालु देवधाम झाड़ौता मंदिर की पदयात्रा के लिए गाजे-बाजे के साथ रवाना हुए। इसी दिन बेनीखेड़ा गांव से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु डीजे, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ देवधाम लदेरा के लिए निकले। दोनों यात्राओं का उद्देश्य क्षेत्र की खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना है।
कीरपुरिया गांव के श्रद्धालु पहले देवनारायण भगवान के मंदिर पर पूजा-अर्चना कर धर्म ध्वजा लेकर नाचते-गाते हुए पदयात्रा के लिए निकले। वे जयकारे लगाते हुए देवधाम झाड़ौता मंदिर पहुंचकर सुख-समृद्धि और अच्छी बारिश की प्रार्थना करेंगे। इस पदयात्रा का आयोजन ग्रामीणों के सहयोग से किया जाता है।
दूसरी ओर, दूदू उपखंड के बेनीखेड़ा गांव से तीसरी पदयात्रा शुरू हुई। यह यात्रा डीजे, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निशानों के साथ निकली, जिसमें आसपास के कई गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त श्री देवनारायण भगवान और बाबा रामदेव के जयकारे लगाते हुए लदेरा धाम के लिए रवाना हुए। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया।
प्रधान लाल गुर्जर ने बताया कि पदयात्रा बेनीखेड़ा से शुरू होकर महतगांव, माधोपुरा, दांतरी और किला होते हुए दोपहर में देवधाम लदेरा पहुंचेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कीरपुरिया गांव की पदयात्रा कैसे शुरू हुई?
- श्रद्धालुओं ने देवनारायण भगवान के मंदिर पर पूजा-अर्चना की और धर्म ध्वजा लेकर नाचते-गाते यात्रा की शुरुआत की।
- पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु किस प्रकार के उत्साह और साधनों के साथ निकले?
- श्रद्धालु डीजे, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निशानों के साथ जयकारे लगाते हुए उत्साह के साथ पदयात्रा कर रहे हैं।
- क्या इस पदयात्रा का आयोजन किसने किया है?
- कीरपुरिया की पदयात्रा ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित की जाती है।
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