राष्ट्रपति भवन में मुनमुन भट्टाचार्य को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य को 27 वर्षों बाद मिला यह सम्मान
5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर धनबाद की मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया जाएगा। वे झारखंड की एकमात्र शिक्षिका हैं जिन्हें 27 वर्षों के अंतराल के बाद यह पुरस्कार मिला है। इसके अलावा, रीता प्रसाद को जिलास्तरीय शिक्षक पुरस्कार और अन्य 17 शिक्षकों को जिले के स्तर पर शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
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धर्म डेस्क। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 दिया जाएगा। झारखंड से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाली वे एकमात्र शिक्षिका हैं, जिन्हें 27 वर्षों बाद यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।
मुनमुन भट्टाचार्य धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका हैं। उन्होंने 2016 में सरकारी शिक्षक के रूप में योगदान देना शुरू किया था। इससे पहले रीता प्रसाद, जो उत्क्रमित मध्य विद्यालय भालगढ़ा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका हैं, को भी जिलास्तरीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा। जिला शिक्षा विभाग ने रीता प्रसाद के नाम को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए अनुशंसा की थी।
रीता प्रसाद ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने स्कूल को सुव्यवस्थित किया। उन्होंने लो कॉस्ट-नो कॉस्ट योजना के तहत पुस्तकालय बनाया और बच्चों के लिए खाने की दरी पट्टी खुद सिलाई की। स्कूल परिसर में पेयजल की सुविधा न होने के कारण आज भी पानी खरीदकर मध्याह्न भोजन का संचालन किया जाता है। रीता प्रसाद ने उम्मीद जताई है कि जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर बच्चों को पेयजल उपलब्ध कराएंगे।
जिला स्तरीय शैक्षिक योगदान सम्मान समारोह के लिए जिले के 17 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें ब्रजभूषण, कपिल प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद महतो, शंकर प्रसाद घोषाल, पंकज कुमार, सुनीता सिंह, पवित्रा सोलंकी, आदित्य प्रकाश, सबा अंसारी, बिनोद कुमार भगत, अरिंदम विश्वास, संजीव कुमार मिश्रा, जमीर अख्तर, रामचरण महतो, आस्था सिंह, गोपाल महतो और रूबी कुमारी शामिल हैं। ये शिक्षक वर्ष 2025-26 में मास्टर प्रशिक्षक के रूप में सीपीडी प्रशिक्षण में कार्य करेंगे।
शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के महान शिक्षक, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में भी विशेष है। उन्होंने शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार माना और अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शिक्षण क्षेत्र को समर्पित किया। शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य को भी दिशा देते हैं।
धनबाद के शिक्षक मुनमुन भट्टाचार्य को 27 वर्षों बाद यह राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिला है। इससे पहले वर्ष 1999 में सुरेश कुमारी मेहता को यह सम्मान मिला था। शिक्षक दिवस पर गुरुजनों का सम्मान कर उनके योगदान को याद किया जाता है।
शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार लेना उनके लिए गर्व का पल होगा
मुनमुन भट्टाचार्य, प्रभारी प्रधानाध्यापिका
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