जालोर के अंजमल संघ के 40 युवा छह दिन में रामदेवरा पहुंचेगे
भवरानी से रवाना हुआ संघ, डीजे की धुन पर नाच-गाकर किया गया विदाई
जालोर के भवरानी गांव से अंजमल संघ के 40 युवा रामदेवरा के लिए छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए हैं। यह संघ 2007 से लगातार बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए यात्रा करता आ रहा है और इस बार डीजे के साथ यात्रा पूरी करेगा। संगठन का नेतृत्व मोहन भाई चौधरी और अन्य सदस्य कर रहे हैं।
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जालोर। जालोर जिले के भवरानी गांव से सोमवार को अंजमल संघ के 40 युवा रामदेवरा के लिए रवाना हुए। यह संघ साल 2007 से लगातार बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए यात्रा करता आ रहा है। संघ के सभी सदस्य युवा हैं, जिनमें ज्यादातर प्रवासी हैं।
संघ भवरानी के आपेश्वर महादेव मंदिर से रवाना हुआ, जहां गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और युवा डीजे की धुन पर नाच-गाकर उन्हें विदा कर रहे थे। सभी सदस्यों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
यह संघ पूरी यात्रा में डीजे के साथ ही रामदेवरा पहुंचेगा और छह दिन में अपनी मंजिल पर पहुंचने का लक्ष्य रखता है। संघ का नेतृत्व मोहन भाई चौधरी, प्रवीण सिंह राठौड़, ओब सिंह राठौड़, देवी सिंह दहिया और पप्पू सिंह कर रहे हैं।
युवा हर साल रामदेवरा जाने के लिए अपने गांव आते हैं और इस परंपरा को जारी रखे हुए हैं। भाद्रपद महीने की शुरुआत होते ही राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए यहां आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अंजमल संघ की यात्रा कहाँ से शुरू हुई?
- यात्रा भवरानी के आपेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई, जहाँ लोगों ने डीजे पर नाच-गाकर विदाई दी।
- यात्रा के दौरान संघ के सदस्यों का स्वागत कैसे किया गया?
- सभी सदस्यों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया और ग्रामीण नाच-गाकर उन्हें विदा कर रहे थे।
- यात्रा के नेता कौन-कौन हैं?
- संघ का नेतृत्व मोहन भाई चौधरी, प्रवीण सिंह राठौड़, ओब सिंह राठौड़, देवी सिंह दहिया और पप्पू सिंह कर रहे हैं।
- रामदेवरा में किस प्रकार के श्रद्धालु आते हैं?
- भाद्रपद महीने की शुरुआत में राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा रामदेवजी के दर्शन के लिए आते हैं।
- क्या यह यात्रा एक नई परंपरा है?
- नहीं, यह परंपरा वर्षों पुरानी है और युवा हर साल इस यात्रा के लिए अपने गांव आते हैं।
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