ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुए
नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन में आर्थिक और राजनीतिक मुद्दे होंगे
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने नई दिल्ली पहुंचे हैं जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस सम्मेलन में आर्थिक, वित्तीय, औद्योगिक और व्यापार से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी और ब्रिक्स के अंतर्गत डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जाएगी।
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें दोनों देशों के संबंधों पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में आर्थिक, वित्तीय, औद्योगिक और व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार होगा।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस सम्मेलन में दुनिया के 11 देशों के नेता हिस्सा लेंगे, जिनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ये देश मिलकर दुनिया की कुल आबादी का लगभग 49.5%, वैश्विक जीडीपी का 40% और वैश्विक व्यापार का 26% हिस्सा कवर करते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सम्मेलन में स्वतंत्रता, एकजुटता, स्थिरता, प्रतिरोध और नवाचार जैसे मुद्दों के साथ-साथ आर्थिक, वित्तीय, औद्योगिक और व्यापार से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा की बात कही। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स के भीतर एक विशेष बैंक बनाया गया है जो सदस्य देशों के बीच आपसी निवेश को बढ़ावा देगा ताकि लेन-देन अमेरिकी डॉलर पर निर्भर न रहे। इससे डॉलर के आधिपत्य को कम करने में मदद मिलेगी।
पेजेशकियान ने भारत और ईरान के पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश अपनी समानताओं का दायरा बढ़ा सकते हैं। भारत यात्रा के दौरान उनका चीन, रूस, ब्राजील और अन्य देशों के अधिकारियों से भी मिलने का कार्यक्रम है। इससे पहले दोनों नेता बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भारत के समर्थन को दोहराया था।
ब्रिक्स समूह का मुख्य उद्देश्य दुनिया में एकतरफावाद का मुकाबला करना और डॉलर पर निर्भरता कम करना है। वर्तमान भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और जलवायु परिवर्तन के बीच भारत की अध्यक्षता ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा होगी?
- सम्मेलन में स्वतंत्रता, एकजुटता, स्थिरता, प्रतिरोध, नवाचार और आर्थिक-व्यापारिक मुद्दे प्रमुख होंगे।
- ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान अन्य देशों के साथ क्या कार्यक्रम है?
- पेजेशकियान के चीन, रूस, ब्राज़ील और अन्य अधिकारियों से भी मिलने का कार्यक्रम है।
- ब्रिक्स समूह का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- ब्रिक्स का मुख्य उद्देश्य एकतरफावाद से लड़ना और डॉलर पर निर्भरता कम करना है।
- भारत की अध्यक्षता का ब्रिक्स सम्मलेन में क्या महत्व है?
- भारत की अध्यक्षता ग्लोबल साउथ के हितों को बढ़ावा देने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- ब्रिक्स ब्याज बैंक का क्या काम होगा?
- यह बैंक सदस्य देशों के बीच आपसी निवेश बढ़ाकर डॉलर के आधिपत्य को कम करेगा।
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