डीडवाना में पति-पत्नी के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज
एक ही घर में रहने वाले दंपति को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाना पड़ा
नागौर जिले के डीडवाना में पति-पत्नी के नाम मतदाता सूची में अलग-अलग वार्डों में दर्ज होने के कारण दोनों को अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डालना पड़ा। इस मामले ने मतदाता सूची में त्रुटि और वार्ड निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच कर वास्तविक कारण पता लगाया जाएगा।
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नागौर। नागौर जिले के डीडवाना नगर परिषद चुनाव में एक ही घर में रहने वाले पति-पत्नी के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज होने का मामला सामने आया। इससे दोनों को मतदान के दिन अलग-अलग केंद्रों पर जाकर वोट डालना पड़ा। यह प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करती है।
शहर निवासी मनोज अग्रवाल और उनकी पत्नी वर्षा सीरिया एक ही घर में रहते हैं, लेकिन दोनों के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। मनोज अग्रवाल ने बताया, "मतदान को लेकर उत्साह था, लेकिन पत्नी का वोट दूसरे वार्ड में होने की जानकारी से उन्हें निराशा हुई।" इसके कारण दोनों को मतदान के दिन अलग-अलग मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डालना पड़ा।
मतदान के दिन यह मामला सामने आने के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा रही। एक ही घर में रहने वाले पति-पत्नी के नाम अलग-अलग वार्डों की मतदाता सूची में होने से वार्ड निर्धारण और सूची की जांच को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, दोनों के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज होने की वास्तविक वजह संबंधित रिकॉर्ड और निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वर्षा सीरिया ने इसे प्रशासनिक चूक बताते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले नाम, पता और वार्ड संबंधी विवरणों की जांच तथा दावे-आपत्तियों का अवसर दिया जाता है। ऐसे में एक ही परिवार के सदस्यों के अलग-अलग वार्ड में नाम दर्ज रहने से सूची तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। यह स्थिति परिसीमन के बाद वार्ड निर्धारण में बदलाव का परिणाम है या सूची में त्रुटि, इसकी जांच जरूरी है।
मतदान के दिन सुबह 10 बजे तक डीडवाना में 28 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह समस्या क्यों सामने आई?
- इसकी वास्तविक वजह संबंधित रिकॉर्ड और निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट होगी।
- क्या मतदाता सूची तैयार करने में कोई प्रक्रिया है?
- हां, अंतिम प्रकाशन से पहले नाम, पता और वार्ड विवरण की जांच तथा दावे-आपत्तियों का अवसर दिया जाता है।
- इस मामले पर शिकायत किसने की?
- वर्षा सीरिया ने इसे प्रशासनिक चूक बताते हुए मामले की गंभीर जांच की मांग की है।
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