देश के 21 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे में कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी
मौसम विभाग ने देश के 21 राज्यों में आगामी 9 से 11 सितंबर तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पहाड़ी राज्यों समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और भूस्खलन की संभावना है, जिससे जनजीवन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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देश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और अगले 72 घंटे में उत्तर से दक्षिण तक मौसम बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत 21 राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने 9 से 11 सितंबर के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी दी है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बनने का असर दिख सकता है, जबकि उत्तर-पूर्व बिहार में ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी भारत में बारिश को बढ़ा सकती हैं।
कई इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। अरब सागर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में 9 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। यहां के लोगों को खुले स्थानों और कमजोर पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, कानपुर, बहराइच, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, रामपुर, उन्नाव, प्रयागराज, देवरिया और गोरखपुर जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी है। तेज हवा के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
बिहार के गया, पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, बेगूसराय और भागलपुर जिलों में भी तेज बारिश और आंधी का असर हो सकता है। खुले खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है।
झारखंड के लातेहार, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज, रामगढ़, हजारीबाग, जमशेदपुर और पलामू जिलों में भी बारिश की चेतावनी है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
पश्चिम बंगाल में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का असर अधिक दिखाई देगा। पुरबा मेदिनीपुर, हावड़ा, दार्जिलिंग, नादिया, कोलकाता, अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग और बीरभूम जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश से सड़क और यातायात प्रभावित हो सकते हैं।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर, जयपुर, अजमेर और बूंदी जिलों में भी भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना है। तेज बारिश से जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों तथा बिजली व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर, देवास, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, कटनी और पन्ना जिलों में भी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी है।
किसानों को मौसम में तेजी से बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर के राज्यों, खासकर असम और आसपास के इलाकों में भी बारिश की सक्रियता बनी रह सकती है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिससे निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहना पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कौन-कौन से राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है?
- उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पहाड़ी राज्य और पूर्वी भारत के कई हिस्से शामिल हैं।
- आंधी और बारिश से किस तरह के नुकसान की आशंका है?
- पेड़ों के गिरने, बिजली व्यवस्था प्रभावित होने, भूस्खलन, जलभराव और सड़क यातायात में बाधा की संभावना बनी हुई है।
- चिंतित इलाकों में लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
- खुले स्थान और कमजोर पेड़ों के आस-पास नहीं रहना चाहिए और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए।
- बारिश से कौन से इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है?
- झारखंड और राजस्थान के ग्रामीण तथा निचले इलाकों में बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
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