श्रीगंगानगर धान मंडी में बारिश से जलभराव, सफाई व्यवस्था बदहाल
मंडी परिसर में पानी भरने से व्यापारियों को हो रही परेशानी, सफाई का ठेका है लेकिन काम नहीं हो रहा
श्रीगंगानगर की नई धान मंडी में बारिश के बाद जलभराव हो गया है और नालियां जाम होने से पानी मंडी की दुकानों तक पहुंच गया है। सफाई के लिए ठेका कच्चा आढ़तिया संघ के पास है, लेकिन वे साफ-सफाई नहीं करवा रहे हैं, जिससे गंदगी और कीचड़ बढ़ रहा है। व्यापारी मामलों में सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि बारिश के मौसम में समस्या न बढ़े।
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एक नज़र में
- श्रीगंगानगर की नई धान मंडी में तेज बारिश के बाद जलभराव हो गया।
- मंडी की नालियां जाम होने के कारण पानी मंडी की दुकानों और जिंसों में घुस गया।
- सफाई के लिए 4.80 लाख रुपए का ठेका कच्चा आढ़तिया संघ के पास है, लेकिन सफाई नहीं हो रही।
- मंडी परिसर की सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं और बारिश के बाद गंदगी फैलती है।
- व्यापारी जलभराव और गंदगी के कारण मौसमी बीमारियों के खतरे की चेतावनी दे रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- धान मंडी में जलभराव क्यों हुआ?
- मंडी की नालियां जाम होने से बारिश का पानी मंडी के परिसर में जमा हो गया।
- सफाई व्यवस्था में क्या समस्या है?
- 4.80 लाख रुपए का ठेका कच्चा आढ़तिया संघ के पास है, लेकिन वे सफाई नहीं करवा रहे हैं।
- जलभराव से व्यापारियों को क्या परेशानी हो रही है?
- पानी मंडी के दुकानों और जिंसों में घुसने से व्यापारियों को भारी समस्या और बदबू के साथ बीमारियों का खतरा है।
- क्या सफाई कर्मचारी मंडी में मौजूद हैं?
- मजदूर संघ के अनुसार सफाई कर्मचारी नजर नहीं आते हैं।
- व्यापारी जलभराव को लेकर क्या चेतावनी दे रहे हैं?
- व्यापारी कह रहे हैं कि अगर जल्दी व्यवस्था सुधारी नहीं गई तो बारिश का मौसम और मुश्किलें बढ़ाएगा।
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श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर की नई धान मंडी में शुक्रवार शाम हुई तेज बारिश के बाद परिसर में जलभराव हो गया। नालियां जाम होने से पानी मंडी की दुकानों और किसानों की जिंसों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी की सफाई के लिए हर महीने 4.80 लाख रुपए का स्थायी ठेका कच्चा आढ़तिया संघ के पास है, लेकिन सफाई कर्मचारी नजर नहीं आते। मजदूर संघ के अध्यक्ष साधु सिंह ने कहा कि कच्चा आढ़तिया संघ वाले बिल तो उठा लेते हैं, लेकिन साफ-सफाई नहीं करवाते।
नतीजा यह होता है कि नालियां जाम हो जाती हैं और पानी ओवरफ्लो होने लगता है। इससे मंडी परिसर की पक्की सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं और बारिश के बाद कचरा और गंदगी फैल जाती है।
व्यापारियों का कहना है कि जलभराव और गंदगी से बदबू फैलती है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा बना रहता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बारिश का मौसम और मुश्किलें बढ़ाएगा।
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