द्रमुक सांसद ने तमिलनाडु मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की
विरोध के बाद सांसद ने बयान वापस लिया, पार्टी ने जताई नाराजगी
द्रमुक सांसद ए. राजा ने तमिलनाडु मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और कानून मंत्री निर्मल कुमार पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद उन्होंने अपने बयान पर खेद जताया और उसे वापस ले लिया। इस घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया और द्रमुक पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बताया। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीबीआई कर रही है।
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द्रमुक सांसद ए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के खिलाफ द्रमुक सांसद ए. राजा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विरोध के बाद राजा ने अपने बयान पर खेद जताया और उसे वापस लेने में कोई हिचक नहीं जताई।
राजा ने मुख्यमंत्री विजय और कानून मंत्री निर्मल कुमार पर अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे द्रमुक के सहयोगी दलों के नेताओं ने कड़ी निंदा की। पार्टी ने इस व्यवहार को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बताया। द्रमुक अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने कहा, "किसी राज्य के मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से अपमान करना और अपशब्दों का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।"
राजा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्हें अपनी बात वापस लेने में कोई हिचक नहीं है। इसके बाद पार्टी ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन कर इस घटना की निंदा की।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन से करूर भगदड़ मामले में राजा को मुख्य आरोपित बनाने का आग्रह किया था। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई कर रही है।
रघुपति ने दावा किया कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने "मानवीय आधार" पर नरमी बरती और करूर भगदड़ मामले में टीवीके प्रमुख जोसेफ विजय को मुख्य आरोपित के तौर पर पेश नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के अन्य नेताओं ने मांग की थी कि विजय को मुख्य आरोपित बनाया जाए।
राजा और अन्य द्रमुक नेताओं के खिलाफ टीवीके विधायक विजयकुमार ने गुमिडिपुंडी डीएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- राजा ने किस प्रकार की टिप्पणी की थी?
- राजा ने मुख्यमंत्री विजय और कानून मंत्री निर्मल कुमार पर अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
- करूर भगदड़ मामले में क्या हालात हैं?
- इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई कर रही है, और मुख्यमंत्री ने राजा को मुख्य आरोपित बनाने की मांग की।
- द्रमुक पार्टी ने राजा के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- पार्टी ने इस व्यवहार को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बताया और राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया।
- एम.के. स्टालिन ने करूर भगदड़ मामले में क्या भूमिका निभाई?
- रघुपति के अनुसार, स्टालिन ने मानवीय आधार पर नरमी बरती और मुख्य आरोपित के तौर पर विजय को पेश नहीं किया।
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