बूंदी के ग्रामीण इलाकों में साइबर फ्रॉड बढ़ा, पुलिस ने सतर्क रहने को कहा
नमाना थाने में वर्चुअल बैठक में अवैध गतिविधियों की सूचना देने और नशे पर नियंत्रण की अपील
बूंदी जिले के ग्रामीण इलाकों में साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को लेकर पुलिस ने सतर्क रहने और अपनी निजी जानकारी अनजान कॉलर से साझा न करने की अपील की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही और युवाओं में नशे के खिलाफ अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
बूंदी। बूंदी जिले के नमाना थाने में पुलिस ने ग्रामीण इलाकों में साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। कोटा पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर आयोजित वर्चुअल कम्युनिटी लाइजन ग्रुप बैठक में अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में थाना के एएसआई परमेश्वर चौधरी, पुलिस कांस्टेबल सुरेश मेघवाल और महिला हेड कांस्टेबल गिरजा सैनी समेत सीएलजी के कई सदस्य मौजूद थे। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो अपलोड करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील की गई कि वे अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी या कोई भी निजी जानकारी अनजान कॉल पर किसी को न बताएं। किसी भी अधिकारी के नाम पर डरा-धमकाकर जानकारी मांगने पर भी उसे साझा न करें। लालच देने वाले कॉल पर भी अपनी बैंक डिटेल या ओटीपी किसी को न दें, इससे साइबर फ्रॉड का खतरा रहता है।
युवाओं में बढ़ते नशे को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया और नशे के खिलाफ सक्रियता लाने के लिए शपथ दिलाई गई। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की गई।
सीएलजी सदस्यों में लोकेश राठौर, सत्यनारायण मीणा, युगल शर्मा, पवन मेवाड़ा, चेतन गोस्वामी और देवराज राठौर शामिल थे। महिला सदस्यों में नमिता चित्तौड़ा और शिवानी शर्मा भी उपस्थित रहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ग्रामीण इलाकों में पुलिस साइबर फ्रॉड को कैसे रोक रही है?
- पुलिस वर्चुअल कम्युनिटी लाइजन ग्रुप की बैठक में अवैध गतिविधियों की सूचना मांग रही है।
- साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जनता को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- लालच देने वाले कॉल पर अपनी निजी जानकारियां साझा न करें, और अधिकारियों के नाम पर डरा-धमकाकर मांगी गई जानकारी न दें।
- बैठक में कौन-कौन से पुलिसकर्मी और सदस्य मौजूद थे?
- असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर परमेश्वर चौधरी, कांस्टेबल सुरेश मेघवाल, महिला हेड कांस्टेबल गिरजा सैनी और कई सीएलजी सदस्य मौजूद थे।
- सड़क सुरक्षा के लिए क्या अपील की गई है?
- यातायात नियमों का पालन करने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की अपील की गई है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.