पालोजोरी में विकास स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
विद्यार्थियों ने नृत्य प्रस्तुतियों से मन मोह लिया, शिक्षकों को सम्मानित किया गया
पालोजोरी के विकास स्कूल में सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण और शपथ के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न नृत्य, कविता और गीत प्रस्तुत किए तथा अंत में स्कूल प्रबंधन ने उन्हें पुरस्कृत किया।
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पालोजोरी के विकास स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण और प्रेरणा लेने की शपथ से हुई। विद्यार्थियों ने स्वागत गान और विभिन्न नृत्यों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में दीप प्रज्वल्लित कर प्रधानाध्यापक कृष्ण के कुमार ने माल्यार्पण किया। बच्चों ने उमंग, पुष्पांजलि, अनुरागी, समर्पण, अंशीका, अनुष्का और सान्वी सहित कई नृत्य प्रस्तुत किए। स्वागत नृत्य में फ़ज़ल अहमद, शिवांश कश्यप, जयेश रंजन, पार्थ कुमार, युवेश अली, राहेल रज़ा, विहान सूर्यवंशी, आनंदी कुमारी, नैसरा परवीन, नेमशा खातून, तेहमत परवीन, गौतम कुमार, अमनु कुमारी, अंजली कुमारी, मुस्कान खातून और अंग्रीया मुर्मू ने अभिभावकों का मन मोह लिया।
नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों माहिनुर, प्रियंका, आदित्य, आईजा, अहमद, फलक और नांनू ने कविता नृत्य में अपनी प्रतिभा दिखाई। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसमें राधिका और नंदिनी ने नृत्य प्रस्तुत किया। कविता सह कबीर का दोहा सुमधा, नितिका और मयूर ने पेश किया। अंबिका ने गुरु मेरे सजन समाना गीत के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान जताया।
उमंग प्रस्तुति के दौरान अंशिका और समीक्षा ने राधाकृष्णन की जीवनी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कार्यक्रम में किसने माल्यार्पण किया?
- प्रधानाध्यापक कृष्ण के कुमार ने दीप प्रज्वल्लित कर माल्यार्पण किया।
- स्वागत नृत्य में कौन-कौन बच्चे शामिल थे?
- फ़ज़ल अहमद, शिवांश कश्यप, जयेश रंजन, पार्थ कुमार समेत कई बच्चों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
- नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने क्या प्रस्तुत किया?
- इन बच्चों ने कविता नृत्य में अपनी प्रतिभा दिखाई।
- कार्यक्रम में गुरु के प्रति सम्मान कैसे दर्शाया गया?
- अंबिका ने 'गुरु मेरे सजन समाना' गीत के माध्यम से सम्मान जताया।
- कार्यक्रम के अंत में क्या हुआ?
- स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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