मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया
सीएम ने राहत शिविरों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की, काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में पूजा-अर्चना की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में पीड़ितों से मुलाकात की और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। प्रशासन ने राहत तथा सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं और बाढ़ प्रभावितों के लिए अतिरिक्त राहत शिविर एवं नाव-मोटरबोट उपलब्ध कराए हैं।
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एक नज़र में
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
- उन्होंने पुलिस लाइन में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की और राहत शिविरों में 160 से अधिक पीड़ितों से मुलाकात की।
- करीब एक हफ्ते में 16 मोहल्लों और 24 गांवों के 836 परिवारों के 3876 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे हैं।
- गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार भोर से घटने लगा और सहायक नदियों का वेग थम गया, जलस्तर के घटने का रुझान जारी है।
- प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए सड़क मरम्मत, लाइटिंग, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त नाव-मोटरबोट के इंतजाम किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कब वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण किया?
- उन्होंने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
- बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या और विस्थापित परिवार कितने हैं?
- करीब एक हफ्ते में 16 मोहल्लों और 24 गांवों के 836 परिवारों के 3876 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं।
- गंगा नदी का जलस्तर कैसा है?
- गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार भोर से घटने लगा है और सहायक नदियों वरुणा, गोमती और नाद का वेग भी थम गया है।
- प्रशासन ने बाढ़ राहत के लिए क्या व्यवस्थाएं की हैं?
- प्रशासन ने सुरक्षा, सड़क मरम्मत, लाइटिंग, बैरिकेडिंग, अतिरिक्त नाव-मोटरबोट और एक अतिरिक्त एनडीआरएफ टीम की व्यवस्था की है।
- मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किस तरह किया?
- उन्होंने पुलिस लाइन से अधिकारियों के साथ वरुणा और गंगा नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने पुलिस लाइन में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की और राहत शिविरों में पीड़ितों से मुलाकात की। इसके बाद वे काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम करीब पांच बजे आजमगढ़ से हेलीकाप्टर से पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचे। वहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगभग 20 मिनट तक बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद वे सीधे सलारपुर स्थित विद्या विहार इंटर कॉलेज में बने राहत शिविर पहुंचे, जहां 160 से अधिक बाढ़ पीड़ितों से शिविर की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। इनमें 65 पुरुष, 60 महिलाएं, 34 बच्चे और 6 बुजुर्ग शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन से अधिकारियों के साथ वरुणा और गंगा नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। इसके बाद शाम 6 बजे कार से रवाना होकर वे श्री कालभैरव मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की।
प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा समेत कार्यक्रम स्थल की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कराई हैं। पुलिस लाइन से सलारपुर, कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच सड़क मरम्मत, लाइटिंग और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई। राहत शिविर के अंदर और बाहर पेंटिंग और सफाई का कार्य भी किया गया।
गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार भोर से घटने लगा और सहायक नदियों वरुणा, गोमती और नाद का वेग भी थम गया। सुबह आठ बजे जलस्तर की घटाव गति 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटा थी, जो रात आठ बजे एक सेंटीमीटर हो गई। शुक्रवार को 12 घंटे के दौरान जलस्तर 10 सेंटीमीटर घटा। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार प्रयागराज से बनारस वाया मिर्जापुर गंगा में घटाव का ट्रेंड फिलहाल जारी रहेगा।
लगभग एक हफ्ते में 16 मोहल्लों और 24 गांवों से 836 परिवारों के 3876 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर आ गए हैं। शुक्रवार को 567 परिवारों के 2486 लोग राहत शिविरों में पहुंचे। पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर शिविरों की संख्या 19 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए छह अतिरिक्त नाव-मोटरबोट की व्यवस्था की है। दबाव बढ़ने पर एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय की गई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री शाम 7.30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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