कोटपूतली में 91 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान
माजरीधाम में महंत सुमितगिरी महाराज के सानिध्य में सम्मान समारोह आयोजित
कोटपूतली के माजरीकलां धाम में शिक्षक दिवस के अवसर पर 91 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि आईएएस अधिकारी तरुण यादव डवानी ने उन्हें माला, दुपट्टा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। समारोह में महंत सुमितगिरी महाराज सहित कई शिक्षाविद और ग्रामीण भी उपस्थित थे।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
एक नज़र में
- कोटपूतली के माजरीकलां धाम में शिक्षक दिवस पर 91 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया।
- तरुण यादव डवानी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को माला पहनाई, दुपट्टा ओढ़ाया और स्मृति चिन्ह भेंट किया।
- महंत सुमितगिरी महाराज ने शिक्षकों की लंबी सेवा के लिए उनका धन्यवाद किया।
- समारोह में शिक्षकों के चेहरों पर खुशी और भावुकता देखी गई।
- समारोह में कई शिक्षाविद और ग्रामीण भी मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कोटपूतली में शिक्षक दिवस पर क्या खास हुआ?
- कोटपूतली के माजरीकलां धाम में शिक्षक दिवस पर 91 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
- सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कौन मुख्य अतिथि थे?
- युवा आईएएस अधिकारी तरुण यादव डवानी मुख्य अतिथि थे जिन्होंने शिक्षकों को माला, दुपट्टा और स्मृति चिन्ह भेंट किया।
- महंत सुमितगिरी महाराज ने किस विषय पर बात की?
- महंत सुमितगिरी महाराज ने शिक्षकों की लंबी सेवा के लिए उनका धन्यवाद किया।
- तरुण यादव डवानी ने शिक्षकों के बारे में क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और देश की नींव होते हैं और वे छात्रों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को भी सही दिशा देते हैं।
- समारोह में और कौन-कौन मौजूद था?
- महंत अमितगिरी महाराज, महंत प्रेमदास महाराज, कई प्रधानाचार्य एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
कोटपूतली। कोटपूतली के माजरीकलां धाम में शिक्षक दिवस पर 91 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। यह समारोह महंत सुमितगिरी महाराज के सानिध्य में हुआ, जिसमें युवा आईएएस अधिकारी तरुण यादव डवानी मुख्य अतिथि थे।
तरुण यादव डवानी ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को माला पहनाई, दुपट्टा ओढ़ाया और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और देश की नींव होते हैं और वे केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को भी सही दिशा देते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि रिटायरमेंट के बाद भी शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन समाज के लिए बहुत कीमती होता है। महंत सुमितगिरी महाराज ने शिक्षकों की लंबी सेवा के लिए उनका धन्यवाद किया। समारोह में शिक्षकों के चेहरों पर खुशी और भावुकता साफ दिखाई दी।
इस अवसर पर महंत अमितगिरी महाराज, महंत प्रेमदास महाराज, अमीलाल यादव, महेश जोशी, तेजसिंह यादव, जयराम, मदनलाल, राव जयदयाल, वीरसिंह, नित्यानंद, कैलाश प्रिंसिपल, दुलीचंद, महावीर यादव, दीपचंद, बलदेव यादव, ग्यारसीलाल, शिवचरण, गजानंद, पूर्णचंद प्रजापत, हजारीलाल प्रधानाचार्य, सत्यवीर प्रधानाचार्य, मोहनलाल, राजेंद्र प्रधानाचार्य, पवन शर्मा, वीरेंद्र, नरेंद्र, बाबूलाल, महेंद्र यादव, सुरेश शर्मा, सुरेश प्रधानाचार्य, दिनेश जोशी, जयसिंह, मुकेश जोशी, सुरेंद्र जांगिड़, नरेश यादव, अशोक शर्मा, अरुण यादव वार्डन, अरुण हरबला, सुशील यादव, सुनीता यादव और अमिता शर्मा सहित कई शिक्षाविद और ग्रामीण मौजूद थे।
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.