भाजपा ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारों पर चुनावी रणनीति बनाएगी
प्रदेश मुख्यालय में हुई बैठक में विपक्ष के नकारात्मक प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देने पर जोर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा 'अखिलेश से बेहतर योगी' के नारों के साथ चुनावी रणनीति बनाएगी। पार्टी ने विपक्ष के नकारात्मक प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देने और सोशल मीडिया के माध्यम से आक्रामक रवैये का मुकाबला करने पर बल दिया है। चुनाव की तैयारियों के लिए पार्टी ने सेवा संकल्प अभियान और क्षेत्रीय नेताओं के जनता से संवाद को अहम बताया है।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारों के साथ मैदान में उतरेगी। पार्टी ने विपक्ष के नकारात्मक प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देने की रणनीति बनाई है। यह सुझाव भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में चुनाव की तैयारियों को लेकर शनिवार को हुई बैठक में सामने आया।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल ने अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और अन्य पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर वरिष्ठ नेताओं से सुझाव लिए। अधिकांश पदाधिकारियों ने कहा कि विपक्ष के नैरेटिव में उलझने के बजाय पार्टी को विकास और कानून-व्यवस्था पर काम करना चाहिए।
पदाधिकारियों ने बताया कि सपा के पीडीए के आक्रामक रवैये का जवाब सोशल मीडिया के माध्यम से दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि थाने-तहसील पर सुनवाई न होने से जनता में नाराजगी है और क्षेत्रीय पदाधिकारी भी अधिकारियों द्वारा अनसुनी किए जाने से जनता के बीच गलत संदेश जाता है। बैठक में यह भी बताया गया कि कई अधिकारी अंदरखाने से सपा के पक्ष में माहौल बनाने में लगे हैं।
बीएल संतोष ने सभी महामंत्रियों के साथ अलग बैठक कर एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने और विधानसभा चुनाव जीतने का टास्क दिया। उन्हें क्षेत्र में प्रवास करने और जनता से नियमित संवाद करने के निर्देश भी दिए गए। संतोष ने मोर्चा और प्रकोष्ठों के गठन का काम जल्द पूरा करने को कहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाजपा ने विपक्ष के नकारात्मक प्रचार का उत्तर कैसे देने का निर्णय लिया है?
- भाजपा ने तथ्यात्मक जवाब देने और सोशल मीडिया के माध्यम से जवाबी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
- सेवा संकल्प अभियान में क्या मुख्य उद्देश्यों में शामिल है?
- सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विधानसभा चुनाव जीतना और जनता से संवाद बढ़ाना है।
- पदाधिकारियों ने विपक्ष के नैरेटिव से निपटने का क्या सुझाव दिया?
- उन्होंने विपक्ष के नैरेटिव में फंसने के बजाय विकास और कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने की सलाह दी।
- अधिकारियों के खिलाफ क्या समस्या बैठक में उठाई गई?
- बैठक में बताया गया कि कई अधिकारी अंदरखाने से सपा के लिए माहौल बना रहे हैं।
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