खूंटी में बैंक हड़ताल से 70 करोड़ का लेन-देन प्रभावित
पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था और समान पीएलआई की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी हड़ताल पर
खूंटी जिले में बैंक यूनियनों द्वारा हड़ताल के कारण 52 शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं ठप रही, जिससे लगभग 70-80 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। यूनियनों ने पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य प्रणाली लागू करने और पीएलआई योजना पर पुनर्विचार की मांग की है। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो सितंबर अंत और अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी आह्वान किया गया है।
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खूंटी। खूंटी जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक हड़ताल का व्यापक असर रहा। जिले की 52 शाखाओं में कामकाज ठप रहने से लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये के बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुए।
यूनियनों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक, एलआईसी और जीआईसी समेत कई वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र में यह अभी तक नहीं हुआ।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पीएलआई योजना को वापस लेने या फिलहाल इसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि इस योजना में किसी भी बदलाव के लिए द्विपक्षीय वार्ता आवश्यक है।
हड़ताल की घोषणा पहले ही कर दी गई थी और ग्राहकों को बैंक बंद रहने की सूचना दी गई थी, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह जानकारी पूरी तरह नहीं पहुंच पाई। इससे नकद जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, केवाईसी और अन्य शाखा आधारित कार्य प्रभावित हुए। कई ग्राहक शाखाएं बंद पाकर वापस लौट गए।
व्यापारियों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीण दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी हुई। डिजिटल माध्यमों से यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहीं, लेकिन शाखा आधारित काम ठप रहे।
हड़ताल के कारण जिले में 52 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह बंद रहा, जिनमें रनिया की एक, अड़की की दो, मुरहू की चार, कर्रा की आठ, तोरपा की 11 और खूंटी प्रखंड की 26 शाखाएं शामिल हैं।
बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
यूनियन नेताओं ने कहा कि सप्ताह में दो दिन अवकाश मिलने से कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी। सचिन केशरवानी ने सभी पात्र बैंक कर्मचारियों को समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था के तहत इसका लाभ मिलने की बात कही।
ग्राहक शिवेंद्र प्रताप ने बताया कि बैंक में ताला लगा होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार से वार्ता की जा रही है, लेकिन अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की बताई।
सदस्य आशीष सोरेन ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अखिल भारतीय स्तर पर 11 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया गया था।
हड़ताल के बाद शनिवार को दूसरे शनिवार की छुट्टी और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने से शाखाएं लगातार तीन दिन बंद रहेंगी, जिससे ग्राहकों को सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा।
हड़ताल के कारण 200 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ है
मनोज सिंह, उपमहामंत्री
बैंक कर्मचारी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआई में भेदभाव समाप्त करने और पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं
पंकज राय, सचिव
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ग्राहकों को हड़ताल से कौन-कौन सी समस्याएं आईं?
- नकद जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट और केवाईसी जैसी शाखा आधारित सेवाएं बाधित हुईं।
- डिजिटल बैंकिंग सेवाएं हड़ताल के दौरान कैसी रहीं?
- यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं हड़ताल के दौरान उपलब्ध रहीं।
- हड़ताल के बाद शाखाएं कब तक बंद रहेंगी?
- हड़ताल के बाद शनिवार, रविवार और रविवार के बाद आने वाले सोमवार को शाखाएं बंद रहेंगी, ग्राहक सोमवार तक इंतजार करेंगे।
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