छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारी पांच दिन सप्ताह की मांग पर हड़ताल
रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में हजारों बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया
छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिन सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर व्यापक हड़ताल की और कई शहरों में प्रदर्शन किया। बैंक यूनियनों ने कहा है कि भारतीय बैंक संघ की सहमति के बावजूद सरकार ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है, जिससे हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया है। बैंक हड़ताल के कारण नकद लेनदेन और शाखा सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जबकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रह सकती हैं।
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छत्तीसगढ़ में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर व्यापक हड़ताल की। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में बैंककर्मियों ने रैली निकालकर सरकार से लंबित मांग पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
राजधानी रायपुर के मोतीबाग चौक पर करीब 1500 बैंक कर्मचारी और अधिकारी तीन घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हुईं और पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई।
दुर्ग-भिलाई में 700 से अधिक बैंककर्मियों ने विशाल रैली निकाली, जबकि बिलासपुर में 600 से अधिक कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश के अन्य हिस्सों जैसे जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, धमतरी, बालोद, कांकेर, अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, बलौदाबाजार और राजनांदगांव में भी बैंक यूनियनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
यूएफबीयू नेताओं ने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया और कहा कि कर्मचारियों ने अपनी मांग पर एकजुटता दिखाई है। उनका मानना है कि पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा।
बैंक यूनियनों के अनुसार, भारतीय बैंक संघ ने दिसंबर 2023 और मार्च 2024 में इस व्यवस्था को लेकर औपचारिक सहमति और अनुशंसाएं दी हैं, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं होने से असंतोष बढ़ा है। मांग पर लगातार देरी के कारण राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।
8 और 9 सितंबर को मुख्य श्रम आयुक्त और उप मुख्य श्रम आयुक्त की अध्यक्षता में सुलह-वार्ता हुई, जिसमें वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल थे। हालांकि, सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, इसलिए हड़ताल टालने पर सहमति नहीं बनी।
यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि 11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी यदि मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में 28, 29 और 30 सितंबर को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है।
लगातार हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है, जिससे नकद लेनदेन, चेक से जुड़े काम और शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित होंगी। डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन सेवाएं जारी रह सकती हैं।
कर्मचारियों ने मांग पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन जारी रखने का भी स्पष्ट किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल क्यों की?
- वे पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग पर सरकार से फैसला चाहते हैं।
- हड़ताल का बैंकिंग सेवाओं पर क्या असर होगा?
- नकद लेनदेन, चेक और शाखा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन डिजिटल बैंकिंग जारी रहेगी।
- बैंक यूनियनों का पांच दिन सप्ताह लागू करने पर क्या कहना है?
- वे मानते हैं कि इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा।
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