बूंदी के तंबोलिया में बाबा रामदेव जी का 14वां भंडारा संपन्न
बीज के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
बूंदी के तंबोलिया गांव में बाबा रामदेव जी का 14वां भंडारा आयोजित हुआ जिसमें श्रद्धालुओं और गांव के लोगों ने सेवा और भक्ति में भाग लिया। भंडारे के दौरान भोजन वितरण, भजन-कीर्तन और भक्ति जुलूस निकाला गया तथा यात्रियों को एक महीने तक चौबीस घंटे सेवा प्रदान की गई। इसके अलावा करवर में बैरवा समाज ने बाबा रामदेव जी के प्राकट्य दिवस पर शोभायात्रा और पूजा-अर्चना की।
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बूंदी। बूंदी जिले के तंबोलिया गांव में बाबा रामदेव जी का 14वां भंडारा बीज के शुभ अवसर पर श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान गांव के लोगों और यात्रियों ने सेवा भाव से हिस्सा लिया और भंडारे के बाद मंदिर तक भक्ति जुलूस निकाला गया।
भंडारे की शुरुआत 21 बच्चियों को भोजन कराने से हुई। इसके बाद सभी गांव वाले और बाबा रामदेव जी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद बांटा गया। पूरे कार्यक्रम में सेवा भाव देखने को मिला और भंडारा स्थल से मंदिर तक भजन-कीर्तन के साथ जुलूस निकाला गया।
जुलूस में गांव वाले और श्रद्धालु उत्साह से शामिल हुए और पूरे रास्ते बाबा रामदेव जी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। इस भंडारे के जरिए यात्रियों और श्रद्धालुओं की सेवा करना पूरे गांव के लिए आस्था और सौभाग्य की बात है।
गोविंदगढ़ के अखेपुरा रोड स्थित सामुदायिक भवन में 13 सितंबर को बाबा रामदेव जी के जातरुओं के लिए आयोजित भंडारे का समापन दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर हुआ। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं, पदयात्रियों और कन्याओं को भोजन कराया गया। इस दौरान भजनों और जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा।
भंडारे के संचालक किशन चौहान ने महाआरती की और मंदिर पर झंडा चढ़ाया। इस भंडारे में यात्रियों के लिए 24 घंटे सेवा उपलब्ध रही। पूरे एक महीने तक पदयात्रियों को चाय, पानी, नाश्ता, भोजन और आराम की सुविधा दी गई।
करवर में बाबा रामदेव जी के प्राकट्य दिवस पर बैरवा समाज ने धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए। समाज की ओर से शोभायात्रा निकाली गई जिसमें 51 कलशों के साथ महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं। शोभायात्रा बस स्टैण्ड से इन्द्रगढ़ रोड स्थित मंशापूर्ण महादेव जी के मंदिर तक गई।
श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव जी के प्रति अपनी आस्था दिखाई और जयकारे लगाए। शोभायात्रा के दौरान डीजे की धुन पर महिला-पुरुष नाचते-गाते हुए शामिल हुए। कलश यात्रा के बाद आरती हुई और समाज के लोगों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ जिसमें सभी ने साथ बैठकर भोजन किया।
गांव वालों ने बताया कि बाबा रामदेव जी की कृपा से यह भंडारा कई सालों से लगातार चल रहा है।
रामदेवरा जाने वाले यात्रियों की सेवा का यह सिलसिला पिछले चार सालों से चल रहा है
किशन चौहान, सेवादार
बाबा रामदेव जी के भक्तों की सेवा करना पुण्य का काम है
किशन चौहान, सेवादार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भंडारे के दौरान क्या गतिविधियां हुईं?
- भंडारे के बाद मंदिर तक भक्ति जुलूस निकाला गया जिसमें भजन-कीर्तन और जयकारे शामिल थे।
- भंडारे का संचालन कौन कर रहा था?
- भंडारे के संचालक किशन चौहान ने महाआरती की और मंदिर पर झंडा चढ़ाया।
- बैरवा समाज ने करवर में क्या आयोजन किया?
- बैरवा समाज ने करवर में बाबा रामदेव जी के प्राकट्य दिवस पर शोभायात्रा निकाली और पूजा-अर्चना की।
- पदयात्रियों को भंडारे में क्या सुविधा मिली?
- पदयात्रियों को पूरे एक महीने तक चाय, पानी, नाश्ता, भोजन और आराम की सुविधा दी गई।
- भंडारे का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
- भंडारा यात्रियों और श्रद्धालुओं की सेवा करना आस्था और सौभाग्य की बात माना जाता है।
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