जैसलमेर में 742वां भादवा मेला शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
तीन बजे अभिषेक के साथ बाबा रामदेव की समाधि पर मेले का विधिवत शुभारंभ
जैसलमेर के रामदेवरा में 742वां भादवा मेला शुरू हो गया है, जिसमें देश के कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई, बिजली, चिकित्सा और पार्किंग सहित व्यवस्थाओं को मुस्तैदी से तैयार किया है और मेले में पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है।
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जैसलमेर। जैसलमेर के रामदेवरा में तड़के तीन बजे बाबा रामदेव की समाधि पर अभिषेक के साथ 742वां भादवा मेला शुरू हो गया।
मेला शुरू होते ही देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचे। सुबह भोग आरती के बाद बाबा की समाधि पर स्वर्ण मुकुट प्रतिष्ठित किया गया। मेले में राजस्थान के साथ गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, असम और बंगाल समेत अन्य राज्यों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। दर्शन के लिए कतार व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बिजली, सफाई और चिकित्सा सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है। मंदिर में 150 पुजारी तीन शिफ्ट में श्रद्धालुओं को दर्शन करवा रहे हैं।
मंदिर के कपाट चौबीस घंटे खुले रखे गए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन कर सकें। मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कतारों पर नजर रखने के लिए सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं।
मंदिर समिति ने अपने स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था की है। समिति की ओर से मंदिर परिसर में 220 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि प्रशासन की ओर से 400 कैमरे लगाए गए हैं। रामदेवरा की मुख्य सड़कों, चौराहों और लाइनों के पास कैमरे लगाए गए हैं।
मेला क्षेत्र को सात जोन में बांटकर प्रत्येक जोन में सफाईकर्मियों की टीम तैनात की गई है जो लगातार सफाई व्यवस्था संभालेंगी। बिजली व्यवस्था सुचारु रखने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं और एक ट्रांसफॉर्मर को आपात स्थिति के लिए रिजर्व रखा गया है।
रामसरोवर पर मास्क लाइट की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में अस्थायी और चल शौचालय लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं, जिनमें बड़े वाहन, छोटे वाहन और दुपहिया वाहनों की पार्किंग अलग-अलग है। यात्रियों के लिए टेंट और ठंडे पानी की सुविधा भी उपलब्ध है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच कतार व्यवस्था प्रभावित हुई और कुछ श्रद्धालु कतार के बीच से आगे जाने की कोशिश करते नजर आए। इससे लाइन की गति धीमी हुई और पीछे खड़े श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। प्रशासन के लिए कतार में अनुशासन बनाए रखना चुनौती बन गया है।
चिकित्सा, पेयजल, बिजली, सफाई, यातायात और पार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। मेले की प्रशासनिक तैयारियां 29 अगस्त से 15 दिन पहले से चल रही थीं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसकी शुरुआत भादवा शुक्ल पक्ष की दूज से मानी जाती है।
भादवा महीने में अब तक 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर लिए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है
अभिषेक शिवहरे, पुलिस अधीक्षक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भादवा मेला कब शुरू हुआ?
- मेला भादवा शुक्ल पक्ष की दूज को शुरू होता है, प्रशासन की तैयारियां 29 अगस्त से चल रही थीं।
- सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
- काफी पुलिस बल तैनात किए गए हैं, पुलिसकर्मी सादा वर्दी में भी कतारों पर नजर रख रहे हैं।
- मेला क्षेत्र में सफाई कैसे सुनिश्चित की गई है?
- क्षेत्र को सात जोन में बांटा गया है, प्रत्येक जोन में सफाईकर्मियों की टीम काम कर रही है।
- क्या श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं?
- मेला क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया है और निगरानी जारी है।
- मेला में कितनी रंगीन व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं?
- टेंट, ठंडा पानी, अलग-अलग पार्किंग और मास्क लाइट की व्यवस्था की गई है।
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