कानून / कोर्ट 2 MIN READ

राष्ट्रीय लोक अदालत में एक करोड़ रुपये के 432 मामले सुलझाए गए

उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में छह बेंचों ने आपसी समझौते से विवाद निपटाए

उत्तराखंड में राष्ट्रीय लोक अदालत के छह बेंचों ने कुल 432 मामलों का निपटारा किया। इनमें से 346 मामले सुलह-समझौते से सुलझाए गए, जिनकी राशि करीब एक करोड़ रुपये है। यह अदालत लोगों को जल्दी और आसान न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
AI सार

उत्तराखंड में राष्ट्रीय लोक अदालत की छह बेंचों ने कुल 432 मामलों का निपटारा किया, जिनमें से 346 मामले सुलह-समझौते से सुलझाए गए और लगभग एक करोड़ रुपये के समझौते हुए। यह अदालत विवादों का त्वरित समाधान और न्याय व्यवस्था पर दबाव कम करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उत्तराखंड में
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उत्तराखंड में / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 उत्तराखंड में राष्ट्रीय लोक अदालत के छह बेंचों ने कुल 432 मामलों का निपटारा किया। इनमें से 346 मामले सुलह-समझौते से सुलझाए गए, जिनकी राशि करीब एक करोड़ रुपये है। यह अदालत लोगों को जल्दी और आसान न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

प्रभारी जिला न्यायाधीश नसीम अहमद की अध्यक्षता में बनी छह बेंचों ने कुल 432 मामलों का निपटारा किया। इनमें से 346 मामले सुलह-समझौते से निपटाए गए जबकि प्री-लिटिगेशन स्तर पर 86 मामले निपटाए गए। लोक अदालत में फौजदारी के सुलह योग्य मामले, धारा 138 एनआई एक्ट, राजस्व, बिजली और जलकर, मोटर दुर्घटना मुआवजा, वेतन-भत्ते व रिटायरमेंट, श्रम, दीवानी, वैवाहिक, घरेलू हिंसा और बैंक व कर्ज वसूली से जुड़े मामले शामिल थे।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी सहानी की बेंच ने 43 मामलों में 11.49 लाख रुपये के समझौते किए। सिविल जज (एसडी) मिथिलेश पांडेय की बेंच ने 21 मामलों में 15.29 लाख रुपये और अपर सिविल जज (एसडी) ऐश्वर्या बोरा की बेंच ने 35 मामलों में 28.11 लाख रुपये के समझौते कराए।

बाहरी न्यायालय नरेंद्रनगर के सिविल जज श्रेय गुप्ता की बेंच ने 214 मामलों में 18.37 लाख रुपये के समझौते किए। कीर्तिनगर के सिविल जज अनूप भाकुनी की बेंच ने 12 मामलों में 6.47 लाख रुपये के समझौते पर निपटारा किया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर 86 मामलों में 41.49 लाख रुपये के समझौते हुए।

सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय वादों के निपटारा के लिए 17 बेंच बनाए गए हैं। सचिव दयाराम ने कहा कि लोक अदालत का मकसद लोगों को आपसी सुलह-समझौते से जल्दी और आसान न्याय दिलाना है। सचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निपटारे को लेकर काफी रुझान रहा। न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत में आपसी सहमति से हुआ फैसला अंतिम होता है।

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर टिहरी जिले के जिला न्यायालय और बाहरी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। जिला न्यायालय छतरपुर में भी राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविन्द्र सिंह ने की।

राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से लोगों के विवादों का निपटारा तेजी से हो रहा है और इससे न्याय व्यवस्था पर दबाव कम हो रहा है। यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राष्ट्रीय लोक अदालत में कौन-कौन से मामले सुलझाए जाते हैं?
यहाँ फौजदारी के सुलह योग्य मामले, धारा 138 एनआई एक्ट, राजस्व, बिजली, जलकर, मोटर दुर्घटना मुआवजा, वेतन-भत्ते, श्रम, दीवानी, वैवाहिक, घरेलू हिंसा और बैंक व कर्ज वसूली से जुड़े मामले सुलझाए जाते हैं।
लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य क्या है?
लोक अदालत का मकसद लोगों को आपसी सुलह-समझौते से जल्दी और आसान न्याय दिलाना है।
प्रमुख न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत के फैसले को कैसे बताया?
न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालत में आपसी सहमति से हुआ फैसला अंतिम होता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की स्थापना किसके निर्देश पर हुई?
यह अदालत उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर टिहरी जिले के जिला न्यायालय और बाहरी न्यायालयों में लगाई गई।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 राजस्थान सीकर में 11 सितंबर को चार नगर निकायों के लिए मतदान होगा
03 शिक्षा दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान बाजार खुले रहेंगे
04 क्राइम पाकिस्तान क्रिकेटर रिजवान-इमाम को साइबर क्राइम एजेंसी ने नोटिस भेजा
Trust & Transparency

How this story was handled

Published13 सितंबर 2026, 11:30 IST IST
Last updated13 सितंबर 2026, 11:30 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under कानून / कोर्ट and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: कानून-अदालत, संवाद सहयोगी.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from कानून / कोर्ट.

कानून / कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती विवाद में 8 याचिकाएं संकलित की

कानून / कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एमडीयू सहायक प्रोफेसर की नौकरी बचाई

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती विवाद में 8 याचिकाएं संकलित की
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती विवाद में 8 याचिकाएं संकलित की

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 12 सितंबर 2026
सुप्रीम कोर्ट ने एमडीयू सहायक प्रोफेसर की नौकरी बचाई
कानून / कोर्ट
इससे जुड़ी ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट ने एमडीयू सहायक प्रोफेसर की नौकरी बचाई

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 12 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 राजस्थान सीकर में 11 सितंबर को चार नगर निकायों के लिए मतदान होगा
03 शिक्षा दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान बाजार खुले रहेंगे
04 क्राइम पाकिस्तान क्रिकेटर रिजवान-इमाम को साइबर क्राइम एजेंसी ने नोटिस भेजा

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.