करनाल में स्वाइन फ्लू के 28 मरीज अस्पताल में भर्ती
स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव और संक्रमण के तरीके पर डॉक्टरों की सलाह
करनाल में स्वाइन फ्लू के 28 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और अब तक कुल 35 मामले दर्ज हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़ से बचने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी और बदन दर्द शामिल हैं।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
करनाल। करनाल में स्वाइन फ्लू के 28 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने और हाथ धोने जैसी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। संक्रमण के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं।
स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को अलग-अलग अस्पतालों में पांच नए मरीज मिले। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी, जुकाम और खांसी के साथ बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर गंभीर लक्षण वाले लोगों की जांच कर रहे हैं। 24 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू के 28 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि स्वाइन फ्लू में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और बदन दर्द हो सकता है।
स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने पर निकलने वाली सांस की बूंदों से संक्रमण फैलता है, अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने बताया। डॉक्टर शीतल वर्मा ने कहा कि इससे बचाव के लिए हाथों को साबुन-पानी से बार-बार धोना या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने, भीड़ से बचने, खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकने और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को आराम करने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने को कहा गया है।
बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों से संक्रमण की स्थिति में दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। गले में खराश, खांसी, नाक बहना या नाक बंद होना आम लक्षण हैं। कुछ मरीजों में अत्यधिक थकान, कमजोरी, आंखों में दर्द, उल्टी या दस्त भी हो सकते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों में सांस लेने में परेशानी, तेज सांस चलना या सुस्ती जैसे गंभीर लक्षण दिख सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति के हाथ, रूमाल या इस्तेमाल की गई वस्तुओं को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छूने से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। भीड़भाड़ वाली जगहों और बंद कमरों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
खांसते और छींकते समय नाक-मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें और इस्तेमाल किया टिश्यू तुरंत कूड़ेदान में डालें। बीमार होने पर घर पर रहें और दूसरों से दूरी बनाए रखें। डॉक्टर की सलाह से फ्लू का टीका भी लगवाया जा सकता है।
अमर उजाला के अनुसार उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि आठ और मामले सामने आए हैं। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 35 मामले दर्ज हो चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्वाइन फ्लू के आम लक्षण क्या हैं?
- गले में खराश, खांसी, नाक बहना या नाक बंद होना आम लक्षण हैं।
- स्वाइन फ्लू से कैसे बचा जा सकता है?
- हाथों को साबुन-पानी से धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल बचाव के मुख्य तरीके हैं।
- कौन से लोग स्वाइन फ्लू के लिए अधिक जोखिम में हैं?
- बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों वाले अधिक संवेदनशील हैं।
- स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण कैसे फैलता है?
- खांसने, छींकने या बात करने पर निकलने वाली सांस की बूंदों से संक्रमण फैलता है।
- स्वाइन फ्लू के गंभीर लक्षण क्या हो सकते हैं?
- सांस लेने में परेशानी, तेज सांस चलना या सुस्ती जैसे लक्षण गंभीर माने जाते हैं।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद





Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.