राजाखेड़ा में निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान जारी
54 विधानसभा क्षेत्रों के शहरी वोट बैंक पर निकाय चुनाव का असर, तीन प्रमुख दलों के बीच मुकाबला
इस चुनाव में 54 विधानसभा क्षेत्रों के शहरी और कस्बाई वोट बैंक दांव पर हैं, जो आग
राजाखेड़ा में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को जारी है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और थर्ड फ्रंट के दलों के उम्मीदवार शामिल हैं। यह चुनाव 54 विधानसभा क्षेत्रों के शहरी और कस्बाई इलाकों में हो रहा है, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जयपुर, सीकर, कोटा और धौलपुर समेत कई जिलों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है।
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राजाखेड़ा। राजाखेड़ा में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। इस चरण में 5393 वार्डों में औसतन चार-चार उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनका मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और थर्ड फ्रंट के दलों के बीच है।
इस चुनाव में 54 विधानसभा क्षेत्रों के शहरी और कस्बाई वोट बैंक दांव पर हैं, जो आगामी विधानसभा चुनावों के राजनीतिक समीकरण तय करेंगे।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय आदिवासी पार्टी, एआईएमआईएम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने अपने प्रभाव वाले इलाकों में उम्मीदवार उतारकर चुनाव को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना दिया है। बड़े शहरों में आम आदमी पार्टी ने स्थानीय चुनावों में दांव लगाया है, जबकि पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर में बसपा ने अपने पारंपरिक वोट बैंक को आधार बनाया है।
वागड़ के आदिवासी बेल्ट में भारतीय आदिवासी पार्टी ने पहली बार प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस और भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुस्लिम बहुल वार्डों में एआईएमआईएम की एंट्री से कांग्रेस की दिक्कतें बढ़ी हैं। जाट बहुल इलाकों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने दोनों प्रमुख दलों को चुनौती दी है। जयपुर में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल की संयुक्त जनसभा ने नए चुनावी समीकरण बनाए हैं।
तेजल सुपर डांस जैसे डिजिटल प्रचार और हनुमान बेनीवाल की ‘न्याय योद्धा’ छवि के सहारे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी युवा वोटरों को साधने में जुटी है। आदिवासी इलाकों में भारतीय आदिवासी पार्टी बड़ी चुनौती पेश कर रही है, खासकर बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में। पार्टी ने आधे से ज्यादा टिकट मुस्लिम समुदाय को दिए हैं।
दलित वोट बैंक के भरोसे बहुजन समाज पार्टी ने पूर्वी राजस्थान के अधिकांश निकायों में प्रत्याशी उतारे हैं। करीबी मुकाबले वाले वार्डों में बसपा को मिलने वाला वोट कांग्रेस और भाजपा दोनों के समीकरण बिगाड़ सकता है।
निकाय चुनावों में 32 वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। पहले चरण में सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल जयपुर और सीकर जिलों में रही। कोटा के सुकेत और धौलपुर के मनियाजहां में कुछ जगहों पर 6-7 दावेदार हैं, जबकि कुछ छोटी नगर पालिकाओं में मुकाबला वन-टू-वन है।
नाथद्वारा के 40 और आमेट के 25 वार्डों में कुल 65 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नाथद्वारा में 29,355 मतदाता (15,244 पुरुष, 14,109 महिला और 2 ट्रांसजेंडर) अपने प्रत्याशियों का भाग्य तय कर रहे हैं। सबसे बड़े वार्ड में 1012 वोटर हैं जबकि सबसे छोटे वार्ड में 406 वोटर हैं।
हनुमानगढ़ जिले की पांच नगर पालिकाओं में भी मतदान जारी है, जहां 170 वार्डों में 1.45 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। 11 सितंबर को हनुमानगढ़ के अन्य निकायों में मतदान कराया जाएगा।
निकाय चुनाव भले ही स्थानीय स्तर के हों, लेकिन विधायक और स्थानीय क्षत्रपों के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बन चुके हैं। जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सबसे बड़ी परीक्षा हो रही है, जहां 54 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक या पूर्व प्रत्याशी पूरी तरह वार्डों में डेरा डाले हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कौन-कौन से दल निकाय चुनाव में हिस्सेदार हैं?
- भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय आदिवासी पार्टी, एआईएमआईएम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी उम्मीदवार मैदान में उतार रही हैं।
- भारतीय आदिवासी पार्टी का चुनावी प्रभाव कहाँ ज्यादा है?
- भारतीय आदिवासी पार्टी ने खासकर वागड़ के आदिवासी बेल्ट के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ क्षेत्रों में पहली बार उम्मीदवार उतारकर चुनौती दी है।
- मतदाता सुरक्षा के लिए कौन-कौन से उपाय किए गए हैं?
- नाथद्वारा और आमेट के कुल 65 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं।
- बालिग मतदाताओं की संख्या और वर्गीकरण क्या है?
- नाथद्वारा में 29,355 मतदाता हैं, जिनमें 15,244 पुरुष, 14,109 महिला और 2 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
- हनुमानगढ़ जिले में मतदान की स्थिति क्या है?
- हनुमानगढ़ जिले की पांच नगर पालिकाओं के 170 वार्डों में 1.45 लाख से अधिक मतदाता मतदान कर रहे हैं, और 11 सितंबर को अन्य निकायों में मतदान होगा।
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