एमबीपीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव को लेकर तनाव और प्रदर्शन
कुमाऊं विश्वविद्यालय के चुनावी ऐलान के बाद छात्र संग्राम तेज, छात्रावास मुद्दे पर हंगामा
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव को लेकर सियासी तनाव बढ़ गया है, जहां एनएसयूआई ने बंद महिला छात्रावास की स्थिति को लेकर प्राचार्य कक्ष में धरना दिया। छात्राओं ने छात्रावास के हस्तांतरण न होने पर उच्च शिक्षा निदेशालय से जवाब मांगते हुए 15 सितंबर तक समय दिया है। इसके साथ ही, एबीवीपी के दो समर्थक समूहों के बीच विरोध और प्रचार भी चल रहा है।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की तिथि घोषित होते ही हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में सियासी तनाव बढ़ गया है। छात्र संगठन एनएसयूआई ने महिला छात्रावास के बंद रहने को लेकर प्रदर्शन किया और प्राचार्य कक्ष में धरना दिया।
महाविद्यालय के डेढ़ वर्ष से बंद पड़े महिला छात्रावास का मुद्दा उठाते हुए एनएसयूआई के छात्र-छात्राएं प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य कक्ष में धरने पर बैठ गए। उन्होंने छात्रावास बनने के बावजूद उसका हस्तांतरण न होने पर सवाल खड़े किए और उच्च शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक को कोसा। नया सत्र शुरू हो जाने के बाद भी छात्राओं के लिए सुविधा बहाल नहीं हो पाई है।
मेहुल साह ने प्राचार्य प्रोफेसर एनएस बनकोटी को ज्ञापन सौंपकर 15 सितंबर तक का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि छात्रावास को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
इसी बीच कालेज परिसर में एबीवीपी के अध्यक्ष पद के लिए दावेदार धीरज बिष्ट और आर्यन बेलवाल के समर्थक आमने-सामने आ गए। आर्यन के समर्थन में प्रचार कर रही छात्रा ने अभद्रता का आरोप लगाया।
प्राचार्य प्रोफेसर बनकोटी ने पुलिस और प्राक्टर बोर्ड के साथ परिसर का निरीक्षण किया। संभावित प्रत्याशियों ने परिसर में रैली निकालकर प्रचार किया। मेहुल साह ने कहा, "कई बार ज्ञापन देने पर आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- महिला छात्रावास क्यों बंद है एमबीपीजी कॉलेज में?
- महिला छात्रावास बन चुका है लेकिन उसका हस्तांतरण नहीं हुआ है, जिससे सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।
- एनएसयूआई ने प्रदर्शन करके क्या मांग की है?
- एनएसयूआई ने महिला छात्रावास खोलने और हस्तांतरण करने की मांग की है और उच्च शिक्षा निदेशालय से कार्रवाई की अपेक्षा की है।
- प्राचार्य ने क्यों पुलिस और प्राक्टर बोर्ड के साथ निरीक्षण किया?
- चयन प्रक्रिया में संभावित विवाद और चुनाव प्रचार के दौरान बढ़े तनाव के कारण शांति बनाए रखने के लिए निरीक्षण किया गया।
- अगर महिला छात्रावास का मुद्दा हल नहीं हुआ तो क्या होगा?
- मेहुल साह ने चेतावनी दी है कि स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
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