टीम इंडिया ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब जीता, ट्रॉफी नहीं ली
स्मृति-शेफाली ने रिकॉर्ड साझेदारी की, BCCI के फैसले पर टीम खड़ी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वुमेंस एशिया कप 2026 में श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब जीता, लेकिन प्रेजेंटेशन सेरेमनी में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई ने यह फैसला लिया था और टीम ने उनका समर्थन किया।
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स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दुबई में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर वुमेंस एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। हालांकि प्रेजेंटेशन सेरेमनी में टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
भारत ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 32 छक्के लगाए। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 129 रन की सबसे बड़ी साझेदारी की, जो महिला टी-20 एशिया कप में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी है। शेफाली ने 24 गेंद में अर्धशतक लगाकर टूर्नामेंट की सबसे तेज फिफ्टी बनाई।
श्री चरणी ने फाइनल में 4 विकेट लेकर इस साल कुल 39 विकेट लिए और एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी-20 विकेट लेने वाली भारतीय गेंदबाज बन गईं। वह महिला टी-20 एशिया कप फाइनल में 4 विकेट लेने वाली तीसरी गेंदबाज भी हैं।
भारतीय टीम ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया। नकवी ने श्रीलंकाई टीम को मेडल और कप्तान चमारी अटापट्टु को रनर-अप चेक दिया।
भारतीय पारी के पांचवें ओवर में श्रीलंकाई फील्डर विश्मी गुणरत्ने का दायां टखना मुड़ गया, जिन्हें स्ट्रैचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया, लेकिन वे दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरीं और 20 रन बनाए।
स्मृति मंधाना 14वें ओवर में रन लेने के प्रयास में रनआउट हुईं। पॉइंट से कवीशा दिलहारी ने थ्रो किया, जिससे विकेटकीपर ने गिल्लियां बिखेर दीं।
टीम इंडिया के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि ट्रॉफी न लेने का फैसला बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) का था और टीम इस रुख के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि टीम चैंपियन बनने के बाद टूर्नामेंट को समाप्त मानती है और बड़े बोर्ड पर टीम इंडिया को चैंपियन घोषित किया जाना ही काफी था।
BCCI ने यह स्टैंड लिया है और टीम उसका समर्थन करती है.
अमोल मजूमदार, कोच
टीम नकवी से ट्रॉफी न लेने के बीसीसीआई के फैसले के साथ खड़ी है और चैंपियन बनने के बाद टूर्नामेंट को समाप्त मानती है.
अमोल मजूमदार, कोच
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भारत ने ट्रॉफी लेने से क्यों इनकार किया?
- BCCI ने इस फैसले का समर्थन किया और टीम भी इसी रुख के साथ खड़ी है।
- श्री चरणी ने इस साल कितने विकेट लिए हैं?
- उन्होंने इस साल कुल 39 विकेट लिए हैं और वे सबसे ज्यादा टी-20 विकेट लेने वाली भारतीय गेंदबाज बनी हैं।
- मैदान पर कोई खिलाड़ी घायल हुआ?
- श्रीलंकाई फील्डर विश्मी गुणरत्ने का दायां टखना मुड़ा, बस्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया लेकिन वे फिर बल्लेबाजी के लिए उतरीं।
- टीम इंडिया के मुख्य कोच ने ट्रॉफी न लेने पर क्या कहा?
- अमोल मजूमदार ने बताया कि टीम चैंपियन बनने के बाद टूर्नामेंट खत्म मानती है और बड़े बोर्ड पर चैंपियन घोषित होना ही पर्याप्त था।
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