सुल्तानपुर में राणी सती दादी मंदिर में भादो अमावस्या महोत्सव
मंदिर में 108 महिलाओं ने मंगल पाठ किया, श्रद्धालुओं ने भजनों और झांकियों का आनंद लिया
सुल्तानपुर के त्रिदेव मंदिर में भादो अमावस्या पर राणी सती दादी का महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें 108 महिलाओं ने संगीतमय मंगल पाठ में भाग लिया। कोलकाता के बंटी एंड झांकी ग्रुप ने दादी जी के जीवन की गाथा झांकी के माध्यम से प्रस्तुत की। श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण कर महोत्सव में शामिल हुए।
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सुल्तानपुर। सुल्तानपुर के त्रिदेव मंदिर में भादो अमावस्या के अवसर पर राणी सती दादी का भव्य महोत्सव मनाया गया। पूरे दिन मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और 108 महिलाओं ने संगीतमय मंगल पाठ में भाग लिया। मंदिर समिति ने आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं।
सुबह आठ बजे मंगला आरती के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। गणेश वंदना, बालाजी महाराज एवं पितृ जी महाराज के स्मरण के साथ मंगल पाठ शुरू हुआ। इस दौरान दादी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंगल पाठ में अंजू अग्रवाल, ऊषा जलान, प्रभा संघई, ज्योति शर्मा, रेखा संघई, आशा अग्रवाल, सरोज मेहरिया, वीणा अग्रवाल, मधु शर्मा, उमा, नीलम, कृति और विशाखा समेत 108 महिलाओं ने भाग लिया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण कोलकाता से आए बंटी एंड झांकी ग्रुप की प्रस्तुति रही, जिसमें दादी जी के जन्म, विवाह, युद्ध और सती होने की गाथा को झांकी के माध्यम से जीवंत किया गया। श्रद्धालु दादी के त्याग, शौर्य और भक्ति की प्रस्तुति देखकर भावविभोर हो उठे।
पूरे दिन मंदिर परिसर दीपों और भक्तिमय वातावरण से भरा रहा। श्रद्धालुओं ने राणी सती दादी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर में अध्यक्ष संजय मेहारिया, गिरधर संघई, शेखर खेतान, राजकुमार शर्मा, गोपाल शर्मा, पारस शर्मा, सुरेश बुदिया, पवन बुदिया, शंकरलाल शर्मा, जयशंकर शर्मा, कमलेश खेतान, शिवम मस्कारा, सुमित जलान, विशाल संघई, संजीव फिटकरी वाला और रितेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
पुजारी अमित झा ने कहा, "यहां सभी की मनोकामना पूरी होती है।" मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं की ओर से आयोजन को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मंगल पाठ में किन प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया?
- मंगल पाठ में अंजू अग्रवाल, ऊषा जलान, प्रभा संघई समेत कई स्थानीय महिलाएं शामिल थीं।
- बंटी एंड झांकी ग्रुप की प्रस्तुति में क्या दिखाया गया?
- झांकी प्रस्तुति में राणी सती दादी के जन्म, विवाह, युद्ध और सती होने की गाथा को दर्शाया गया।
- मंदिर में महोत्सव के दौरान कौन-कौन से धार्मिक संस्कार हुए?
- मंगल पाठ के साथ गणेश वंदना, बालाजी महाराज एवं पितृ जी महाराज की स्मरण कार्य भी किए गए।
- मंदिर के पुजारी अमित झा ने महोत्सव को लेकर क्या कहा?
- अमित झा ने कहा कि यहाँ सभी की मनोकामना पूरी होती है।
- मंदिर समिति ने महोत्सव के दौरान क्या किया?
- मंदिर समिति ने आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
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