ब्यावर में तेजाजी और गोगा नवमी पर श्रद्धालुओं की भीड़
ग्राम पंचायत रेलड़ा में तेजाजी मेला और पादूकलां में गोगा नवमी धूमधाम से मनाई गई
ब्यावर के रेलड़ा ग्राम पंचायत में तेजाजी महाराज का मेला और पादूकलां में गोगा नवमी धूमधाम से मनाई गई। श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना के लिए पहुंचे। मेले में विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के साथ झूले, दुकानें भी लगीं और विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए।
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एक नज़र में
- ब्यावर के ग्राम पंचायत रेलड़ा में तेजाजी महाराज का मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
- पादूकलां कस्बे में गोगा नवमी का तीन दिवसीय मेला धूमधाम से प्रारंभ हुआ।
- श्रद्धालुओं ने मंदिरों में खीर-चूरमा, सेवइयां और अन्य पकवान चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।
- मेला धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।
- अलग-अलग समुदायों के श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ब्यावर में तेजाजी महाराज का मेला कब मनाया गया?
- ब्यावर के ग्राम पंचायत रेलड़ा में शुक्रवार को तेजाजी महाराज का मेला आयोजित हुआ।
- गोगा नवमी का मेला कहाँ और कैसे मनाया गया?
- पादूकलां कस्बे में पद्मावती सरोवर के किनारे मेला मैदान में गोगा महाराज मंदिर पर तीन दिवसीय मेला शुरू हुआ, जिसमें विशेष पूजा-अर्चना और ज्योत जलाना शामिल था।
- मेला में श्रद्धालुओं ने किन-किन चीजों का भोग चढ़ाया?
- श्रद्धालुओं ने खीर, चूरमा, सेवइयां, मिठाई सहित कई तरह के पकवान चढ़ाए।
- मेला का सामाजिक महत्व क्या है?
- मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देता है, जहां हिंदू-मुस्लिम समेत विभिन्न समुदाय के लोग पूजा करते हैं।
- मेला में प्रशासन के कौन-कौन से प्रतिनिधि शामिल हुए?
- शिवजीराम फडौदा, नाथूदास वैष्णव, नरसाराम गोरा, तनिष बोहरा, विकास गोरा, हुक्मीचंद प्रजापत और संतोष प्रजापत मेले में शामिल हुए।
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ब्यावर। ब्यावर के ग्राम पंचायत रेलड़ा में शुक्रवार को तेजाजी महाराज का मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ भरा रहा। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना के लिए पहुंचे। पादूकलां कस्बे में भी गोगा नवमी धूमधाम से मनाई गई।
रेलड़ा में तेजाजी महाराज के मंदिर में श्रद्धालुओं ने खीर-चूरमा का भोग चढ़ाया। पुजारी कैलाश प्रजापत ने बताया, "सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे।" श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
पादूकलां के पद्मावती सरोवर के किनारे मेला मैदान में स्थित गोगा महाराज मंदिर पर तीन दिवसीय मेले की शुरुआत हुई। यहां भी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ ज्योत जलाई गई और ध्वज चढ़ाया गया। मंदिर समिति और युवा कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को सही तरीके से दर्शन करवाए।
श्रद्धालुओं ने गोगा महाराज को खीर, चूरमा, सेवइयां और मिठाई समेत कई तरह के पकवान चढ़ाए। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए बाबा के दर्शन करती रहीं। किसानों ने अच्छी बारिश और फसल की खुशहाली के लिए भी अरदास लगाई।
मेला मैदान में झूले, खिलौने और घरेलू सामान की दुकानें लगीं। यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। हिंदू-मुस्लिम समेत अलग-अलग समुदायों के श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। लोकमान्यता के अनुसार, गोगा महाराज को नागों के देवता और जाहरवीर बाबा के रूप में पूजा जाता है।
प्रशासन प्रतिनिधि शिवजीराम फडौदा, नाथूदास वैष्णव, वार्ड पंच प्रतिनिधि नरसाराम गोरा, तनिष बोहरा, विकास गोरा, हुक्मीचंद प्रजापत और संतोष प्रजापत समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में शामिल रहे।
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