सपा सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक अतुल प्रधान को नजरबंद किया गया
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद विपक्षी नेताओं की रोकथाम से बढ़ी राजनीतिक तनाव
सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सपा सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने नजरबंद कर लिया है। यह कार्रवाई विपक्षी दलों के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर पहुंचने से पहले की गई। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को भी रोक दिया है।
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सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सपा सांसद हरेंद्र मलिक और सरधना विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने नजरबंद कर लिया। यह कार्रवाई विपक्षी दलों के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के सहारनपुर पहुंचने से पहले की गई।
प्रतिनिधिमंडल मस्जिद ध्वस्तीकरण की जांच और मंडलायुक्त से मुलाकात के लिए सहारनपुर जा रहा था। अतुल प्रधान को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि हरेंद्र मलिक को भी नजरबंद रखा गया। पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को रोक दिया।
सहारनपुर में रविवार को बड़े अस्पताल पुल पर विवादित पोस्टर लगाए गए थे, जिन पर 'ना भूले थे, ना भूले हैं, ना भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा' लिखा था और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर भी थी। पुलिस ने पोस्टर हटवा दिए और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद से ही विपक्षी दल प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। नेताओं को नजरबंद किए जाने से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। पुलिस पोस्टर लगाने वाले और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य क्या था?
- प्रतिनिधिमंडल मस्जिद ध्वस्तीकरण की जांच और मंडलायुक्त से मुलाकात करने सहारनपुर जा रहा था।
- विवादित पोस्टर पर क्या लिखा था?
- पोस्टर पर 'ना भूले थे, ना भूले हैं, ना भूलेंगे, मुजफ्फरनगर दंगा' लिखा था और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर थी।
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