चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा गुटों में तनातनी जारी
सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाने के बाद भी विवाद थमा नहीं
पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गुटों के बीच तनाव जारी है। कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया है, लेकिन दोनों गुटों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।
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पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गुटों के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी अब भी जारी है। कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया है, लेकिन दोनों गुटों के बीच टकराव खुलेआम देखने को मिल रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थकों के बीच टकराव लंबे समय से बना हुआ है। चन्नी गुट ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर नाराजगी जताई थी। उनका मानना था कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िंग और भूपेश बघेल को हटाकर किसी मजबूत नेता को कमान सौंपी जानी चाहिए।
कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया है। पायलट की नियुक्ति राहुल गांधी के दौरे से पहले हुई। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी बनाया गया है। सांसद सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है, जबकि डॉ. श्रीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भूपेश बघेल पंजाब में पार्टी नेताओं में अंतर्कलह थामने और आपसी समन्वय बनाने में नाकाम रहे थे। चन्नी और वड़िंग के गुटों ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अब बघेल के बाद अमरिंदर सिंह की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी क्यों बनाया गया?
- उनकी नियुक्ति राहुल गांधी के दौरे से पहले हुई ताकि पार्टी में सहमति बन सके।
- चन्नी गुट अमरिंदर सिंह राजा को क्यों नाराज है?
- चन्नी गुट को लगता है कि विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।
- भूपेश बघेल की पंजाब में क्या भूमिका रही है?
- वे पार्टी नेताओं के बीच विवाद रोकने और समन्वय बनाने में नाकाम रहे।
- अन्य प्रभारी नियुक्तियों में किन नेताओं को जिम्मेदारी मिली?
- सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. श्रीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र, और पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश प्रभारी बनाया गया है।
- अमरिंदर सिंह की पदस्थिरता को क्या खतरा है?
- उनकी प्रदेश अध्यक्ष पद पर भूपेश बघेल के बाद खतरा पैदा हो रहा है।
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