राजस्थान जयपुर 2 MIN READ

जयपुर के रामपुरा स्कूल का जर्जर भवन ध्वस्त, 18 लाख से नया निर्माण शुरू

सरकार ने पुराने भवन को हटाकर बच्चों के लिए सुरक्षित स्कूल बनाने का काम शुरू किया

जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा गांव में सरकारी स्कूल के जर्जर भवन को तोड़कर नया निर्माण शुरू हो गया है। करीब 18 लाख रुपए की राशि स्वीकृत होने के बाद पुरानी इमारत को ध्वस्त कर नई बिल्डिंग बनाने का काम बुधवार से शुरू किया गया।
AI सार

जयपुर के रामपुरा गांव में सरकारी स्कूल के जर्जर भवन को ध्वस्त कर 18 लाख रूपए की लागत से नया निर्माण शुरू किया गया है। पुराने भवन की स्थिति खराब होने से बच्चों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब नया भवन बनने से सभी ने राहत की सांस ली है और स्कूल के बेहतर माहौल की उम्मीद जताई है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

जयपुर के रामपुरा स्कूल में जर्जर भवन को तोड़ते प्रशासन के कर्मचारी
जयपुर के रामपुरा स्कूल में जर्जर भवन को तोड़ते प्रशासन के कर्मचारी / प्रतीकात्मक चित्र · निहारिका टाइम्स

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा गांव में सरकारी स्कूल के जर्जर भवन को तोड़कर नया निर्माण शुरू हो गया है। करीब 18 लाख रुपए की राशि स्वीकृत होने के बाद पुरानी इमारत को ध्वस्त कर नई बिल्डिंग बनाने का काम बुधवार से शुरू किया गया।

लंबे समय से खराब हालत में रहने वाले स्कूल भवन को लेकर ग्रामीणों और बच्चों को परेशानी हो रही थी। अब नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई है। लालचंद शर्मा ने कहा कि जर्जर भवन हटाकर नया निर्माण कराया जाना स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के कारण गांव का शांतिप्रिय माहौल बिगड़ा था, जो गलत था। अब गांव के लोग बीते दिनों हुए घटनाक्रम को भूलकर आगे बढ़ना चाहते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी की जॉइंट सेक्रेटरी रेखा शर्मा ने रामपुरा स्कूल के नवनिर्माण को बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, "रामपुरा स्कूल के निर्माण की शुरुआत केवल एक स्कूल की लड़ाई नहीं है" और पार्टी तब तक आवाज उठाती रहेगी जब तक राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर नहीं हो जाती।

21 अगस्त को सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने स्कूल भवन की खराब स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया था, जिससे तनाव बढ़ा। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से जर्जर भवन को पूरी तरह गिराने का निर्णय लिया। जिला प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया गया।

आशुतोष रांका ने बताया कि 25 जुलाई को सरकार के साथ वार्ता हुई थी, लेकिन करीब एक महीने तक टालमटोल की गई। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट में उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है" और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। रांका ने बताया कि नीट पेपर प्रकरण में बच्चों को खोने वाले परिवारों को आगामी तीन महीने में उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

अब प्रशासन की मंजूरी के बाद पुराने भवन को हटाकर उसी जगह नया स्कूल भवन बनाया जाएगा। ग्रामीणों की उम्मीद है कि नए भवन के बनने से बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलेगी।

स्कूल ज्ञान का मंदिर है और इसके नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

शर्मा

सरकार यह काम पहले भी कर सकती थी और इसके लिए बीते दिनों हुई हिंसा की कोई जरूरत नहीं थी

शर्मा
Member Access

5 free articles left today

0 of 5 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

Reader Pulse

Most Read

Trust & Transparency

How this story was handled

Published2 सितंबर 2026, 10:51 IST
Last updated2 सितंबर 2026, 10:51 IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under राजस्थान and aligned with that desk's editorial standards.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from राजस्थान.

Reader Pulse

Most Read

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.