शांति धारीवाल ने सीएम के रोड शो को फ्लॉप बताया, कांग्रेस का बोर्ड बनने का दावा
पूर्व मंत्री ने निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाए और बागियों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा नगर निगम चुनाव में मुख्यमंत्री के रोड शो को कमज़ोर बताया और कहा कि उसमें सिर्फ 400-500 लोग शामिल थे। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जनता अब कांग्रेस का बोर्ड बनाना चाहती है और निगम के विकास के लिए ठोस योजना की आवश्यकता है। धारीवाल ने कांग्रेस के समय किए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए वर्तमान स्थिति पर असंतोष जताया।
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कोटा। पूर्व यूडीएच मंत्री और कोटा उत्तर से विधायक शांति धारीवाल ने कोटा नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा की कार्यशैली पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के कोटा दौरे को पूरी तरह फ्लॉप करार दिया और कहा कि उसमें केवल 400-500 कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी ही मौजूद थे।
धारीवाल ने कहा कि जनता ने मन बना लिया है और अब कांग्रेस का बोर्ड बनाना चाहती है क्योंकि भाजपा की कार्यशैली और निगम की कार्यप्रणाली निराशाजनक रही है। उन्होंने बताया कि निगम के मार्फत कोई ठोस काम नहीं हुआ और पट्टे बांटने के लिए जो कानून पहले था, उसकी जगह अब शिविर लगाकर लोगों को इधर-उधर दौड़ाया जाता है।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस के समय किए गए विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि हर वार्ड में काम हुए और समस्याओं का निराकरण भी समय पर होता था। उन्होंने बताया कि शिकायतें तो बनती रहती हैं, लेकिन कांग्रेस के दौर में लोग एक महीने तक चक्कर नहीं लगाते थे। हजारों पट्टे बांटकर लोगों को मालिकाना हक दिया गया।
धारीवाल ने मुख्यमंत्री के दौरे पर कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोड शो में कुल मिलाकर 400-500 कार्यकर्ता थे, बाकी पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में शामिल थे। उन्होंने बताया कि 40 मिनट में तीन किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली गई और कोटा के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं हुई। सरकार को निगम को मजबूत करने के लिए स्पष्ट योजना बतानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
निकायों को मजबूत करने के लिए जो कानून और नियम बनाए गए थे, उनका पालन नहीं हो रहा है। यहां प्रशासक बैठाए गए हैं, जो काम नहीं कर पाएंगे।
धारीवाल ने कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर नाराजगी स्वीकार की और कहा कि कुछ कार्यकर्ता मान गए हैं जबकि कुछ बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने माना कि बागी कई जगह नुकसान पहुंचाएंगे।
महापौर चुनाव को लेकर उन्होंने बताया कि कई बार रिजर्वेशन के कारण महिला ओबीसी को मेयर बनाना तय होता है, लेकिन दोनों पार्टियों की कोई ओबीसी महिला जीत नहीं पाती या जीतने पर भी उसे मेयर नहीं बनाते। इसलिए उन्होंने ऐसा कानून बनाया है कि मेयर का चयन दोनों पार्टियों में से जो भी मेजोरिटी लाए, वह कर सके, चाहे वह चुना हुआ पार्षद हो या बाहर से लाया गया उम्मीदवार।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शांति धारीवाल ने भाजपा की कार्यशैली पर क्या कहा?
- उन्होंने कहा कि भाजपा की कार्यशैली और निगम की कार्यप्रणाली निराशाजनक रही है और निगम के मार्फत कोई ठोस काम नहीं हुआ।
- कोटा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की स्थिति क्या है?
- धारीवाल ने कहा कि जनता ने मन बना लिया है और अब कांग्रेस का बोर्ड बनाना चाहती है, हालांकि पार्टी में टिकट वितरण को लेकर नाराजगी है।
- सीएम के रोड शो के दौरान क्या अनूठा था?
- 40 मिनट में तीन किलोमीटर की यात्रा पूरी की गई और कोटा के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं हुई।
- महापौर चुनाव में ओबीसी महिलाओं की समस्या क्या है?
- अक्सर दोनों पार्टियों की कोई ओबीसी महिला जीत नहीं पाती या जीतने पर मेयर नहीं बन पाती, इसलिए एक नया कानून बनाया गया है।
- निकायों को मजबूत करने में कौन सी प्रमुख बाधा है?
- निर्मित कानूनों और नियमों का पालन नहीं हो रहा है और प्रशासक काम नहीं कर पा रहे हैं।
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