संजय गुप्ता ने बताया कैसे शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को ठुकराया
1990 के दशक में मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबदबा था, शाहरुख ने दिया बेखौफ जवाब
फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबाव था, लेकिन शाहरुख खान ने धमकियों को ठुकरा कर उनके सामने झुकने से मना कर दिया। उनकी इस ठहराव और हिम्मत की वजह से अंडरवर्ल्ड ने उन्हें सम्मान देना शुरू किया।
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नई दिल्ली। फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री अंडरवर्ल्ड के दबाव में थी। कई बार अंडरवर्ल्ड के लोग सेट पर आ जाते थे और धमकियां देते थे। शाहरुख खान ने साफ शब्दों में इन धमकियों को ठुकरा दिया था।
संजय गुप्ता के अनुसार उस दौर में कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कलाकार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग फोन करते या सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है।
संजय ने बताया कि एक बार एक प्रोड्यूसर ने उन्हें कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए, जिनमें लिखा था कि वे उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने कहा कि वे जिस अभिनेता के साथ काम करना चाहते हैं, उसका नाम बता दें।
संजय ने शाहरुख खान का जिक्र करते हुए कहा कि वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। जब शाहरुख को धमकी दी गई, तो उन्होंने साफ कहा कि वे अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। इस बेखौफ रवैये की वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी उनकी इज्जत करने लगे थे।
संजय ने अपने अनुभव भी साझा किए। उस समय वे अपनी फिल्मों 'आतिश' और 'रामशास्त्र' पर काम कर रहे थे। उन्हें एक फोन आया, जो बाद में छोटा राजन का निकला, जिसमें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए पता चला कि मामला गंभीर है।
संजय दत्त ने उनकी मदद की और सरकारी गाड़ी भेजकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद आदित्य पंचोली ने फोन कर कहा कि 'आतिश' में उनका रोल अच्छा है, लेकिन 'रामशास्त्र' में बेहतर किया जाना चाहिए। आदित्य ने माफी भी मांगी और कहा कि यह उनकी गलती थी।
संजय ने बताया कि दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने और रोल को बेहतर बनाने को कहा गया। इस दौर में फिल्मों की चमक-दमक के पीछे अंडरवर्ल्ड का साया था, जो फंडिंग से लेकर कास्टिंग तक दखल देता था।
फिल्ममेकर ने कहा कि शाहरुख खान ने धमकियों का सामना करते हुए कभी झुकने से इनकार किया और अपने उसूलों पर कायम रहे। उन्होंने कहा, 'मैं पठान हूं, अगर गोली मारनी है तो मार दो।' इस वजह से शाहरुख का सम्मान भी बढ़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अंडरवर्ल्ड का फिल्म इंडस्ट्री पर क्या प्रभाव था?
- अंडरवर्ल्ड फंडिंग से लेकर कास्टिंग तक दखल देता था और सेट पर धमकियां देता था।
- शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के दबाव का सामना कैसे किया?
- उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म या शो नहीं करेंगे।
- उस वक्त कलाकारों का कार्य माहौल कैसा था?
- कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कलाकार डर के माहौल में काम कर रहे थे।
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