सज्जनगढ़ में सावन के आखिरी दिन नीलकंठ महादेव मंदिर में पूर्णाहुति हवन
सात गांवों के श्रद्धालु शामिल हुए, सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना
बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में गुजराती पंचांग के अनुसार सावन महीने के अंतिम दिन नीलकंठ महादेव मंदिर में पूर्णाहुति हवन आयोजित किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में आसपास के सात गांवों से श्रद्धालु शामिल हुए और पंडित मनोज आमेटा की देखरेख में पूजा-अर्चना की गई। हवन में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की गई।
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बांसवाड़ा। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में गुजराती पंचांग के अनुसार सावन महीने के अंतिम दिन नीलकंठ महादेव मंदिर में पूर्णाहुति हवन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में आसपास के सात गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
पंडित मनोज आमेटा की देखरेख में हुए इस हवन में भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां दीं और वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। उन्होंने क्षेत्र में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान अंकित पुत्र मुकेश टेलर और उनकी पत्नी यजमान के तौर पर मौजूद रहे।
नीलकंठ महादेव मंदिर का परिसर वैदिक मंत्रों और धार्मिक जयघोष से भक्ति से भर गया। गुजराती सावन के आखिरी दिन आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम की व्यवस्था संदीप कलाल ने संभाली, जिन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सभी व्यवस्थाएं ठीक से चलाईं। श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- निकलंठ महादेव मंदिर में हवन का उद्देश्य क्या था?
- हवन में क्षेत्र की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।
- श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम के लिए क्या प्रतिक्रिया दी?
- श्रद्धालुओं ने सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
- कार्यक्रम की व्यवस्थाएं कौन संभाल रहा था?
- संदीप कलाल ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी व्यवस्थाएं ठीक से संचालित कीं।
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