पंजाब में बीसी प्रमाणपत्र के नियम बदले, आय और नौकरी-पद से तय होगी पात्रता
391 करोड़ रुपये की राशि जारी, छह हजार विद्यालयों में छात्रवृत्ति भी दी जाएगी
पंजाब सरकार ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र की पात्रता के नियमों में संशोधन किया है। अब प्रमाणपत्र केवल आय के आधार पर नहीं, बल्कि माता-पिता की नौकरी, पद, सामाजिक स्थिति और संपत्ति के आधार पर दिया जाएगा। नए नियम अनुसार, 8 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार क्रीमी लेयर में माने जाएंगे और संबंधित अधिकारियों को सही जानकारी और दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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पंजाब सरकार ने पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र के नियमों में बदलाव किया है। अब केवल परिवार की आय नहीं, बल्कि माता-पिता की नौकरी-पद, सामाजिक स्थिति और संपत्ति भी पात्रता के लिए देखी जाएगी। सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद करीब 76 हजार लाभार्थियों को 391 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
नए नियम और पात्रता
अब बीसी प्रमाणपत्र केवल परिवार की आय के आधार पर नहीं, बल्कि माता-पिता की नौकरी, पद, सामाजिक स्थिति और संपत्ति की स्थिति के आधार पर दिया जाएगा। 8 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार क्रीमी लेयर में शामिल होंगे। परिवार की शहरी और ग्रामीण संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी लड़की की शादी हो जाती है तो उसका पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र उसके विवाह के बाद के परिवार की स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उसके माता-पिता की सामाजिक स्थिति को देखते हुए बनाया जाएगा। रिश्तेदार के प्रमाणपत्र के आधार पर बच्चे की पात्रता तय नहीं होगी। माता-पिता का प्रमाणपत्र पहले से न होने का अर्थ यह नहीं कि बच्चे का प्रमाणपत्र नहीं बन सकता।
छात्रवृत्ति और कल्याणकारी योजनाएं
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब के करीब छह हजार विद्यालयों में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। वर्तमान में बी श्रेणी के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को 20 हजार रुपये का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा राज्य के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ भी मिल रहा है। पंजाबी विश्वविद्यालय में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जल्द दो छात्रावास शुरू किए जाएंगे।
सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जल्द ही सभी सेवा केंद्रों के बाहर सूचना पट लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि किन परिस्थितियों में पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है।
संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों, उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों तथा निश्चित आय से अधिक वाले परिवारों के बच्चों को प्रमाणपत्र का लाभ नहीं मिलेगा
डॉ. बलजीत कौर, सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री
वर्ष 2022 के बाद आशीर्वाद योजना के तहत करीब 76 हजार लाभार्थियों को लाभ दिया गया है और सरकार करीब 391 करोड़ रुपये की राशि जारी कर चुकी है
डॉ. बलजीत कौर, सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री
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